(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
रावतपुरा धाम के कण-कण में हो रहा है ईश्वर का प्रत्यक्ष अनुभव कहा मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हुए श्रीराम कथा में शामिल लहार विधायक अम्बरीष शर्मा गुडडू भैया ने किया भव्य स्वागत
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भिण्ड जिले के लहार विकासखण्ड पहुंचे तथा रावतपुरा धाम में महामना पं. मदनमोहन मालवीय जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में गत 22 दिसम्बर से जारी श्रीराम कथा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री के रावतपुरा धाम पहुंचने पर हेलीपैड पर सर्वप्रथम प्रशासनिक अधिकारियों एवं लहार विधायक अम्बरीष शर्मा गुडडू ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रावतपुरा सरकार हनुमान जी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए मंगल कामनाएँ कीं।

कथा श्रवण से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कथा व्यास आचार्य श्री शांतनु जी महाराज एवं रावतपुरा धाम के महंत श्री रविशंकर जी महाराज का माल्यार्पण कर सम्मान किया एवं महाराज श्री से आर्शीवाद प्राप्त किया।
उसके बाद लहार विधायक अम्बरीष शर्मा गुडडू ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि रावतपुरा धाम के महंत श्री रविशंकर जी महाराज द्वारा रावतपुरा धाम में महामना पं. मदनमोहन मालवीय जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। गत 22 दिसम्बर को शोभा यात्रा (कलश यात्रा) के साथ शुरू हुई श्रीराम कथा के तीसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कथा श्रवण के लिए पहुंचे। श्रीराम कथा का समापन 31 दिसम्बर को भव्य 108 रामार्चा महायज्ञ तथा 1 जनवरी को नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रसाद वितरण भण्डारा के साथ होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय जी को स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षा के प्रणेता और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक के रूप में याद किया। साथ ही मालवीय जी के राष्ट्र उत्थान, शिक्षा और संस्कृति के प्रति योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महामना के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जो राष्ट्रचेतना और साधना को प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवीय जी के योगदान को स्मरण कराते हुए कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की जो शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का प्रतीक बनी। स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई, क्रांतिकारियों की वकालत और समाचार पत्रों का संपादन किया। ’भारत रत्न’ प्राप्त, ’सत्यमेव जयते’ को लोकप्रिय बनाने वाले महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक थे महामना जी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से मालवीय जी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावतपुरा धाम के कण-कण में ईश्वर का प्रत्यक्ष अनुभव हो रहा है। हमारे लिए यह वाकई अद्भुत स्थान है, जहां आध्यात्मिक ऊर्जा हर दर्शनार्थी को स्पर्श करती है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार जनकल्याण के कार्यों में जुटी हुई है, जनता की हर समस्या का समाधान हमारा लक्ष्य है। विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है, इसलिए हम एक-एक करके ऐसे कार्य कर रहे हैं, जो हमारी सनातन संस्कृति को गौरवान्वित करते हैं और हमारे गौरवशाली अतीत को जीवंत बनाते हैं। हमारा स्लोगन है विरासत से विकास की ओर, यह दृष्टिकोण मध्य प्रदेश को प्राचीन वैभव से जोड़ते हुए आधुनिक प्रगति की ओर ले जाता है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमने कुलपति के नाम बदलकर कुलगुरू के रूप में स्थापित किया है, जिससे हमारे कुलपति को कुलगुरू कहा जाएगा। जब हम कुलगुरू कहते हैं तो एक अलग ही प्रकार का अनुभव होता है, ऐसे जहां-जहां भगवान राम व श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उनकी लीलाएं हुईं, उस भूमि पर तीर्थ स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि जैसे द्वारिका, मथुरा का आनंद है, वैसे ही हमारे सांदीपनि आश्रम से लेकर कृष्ण-सुदामा धाम तक गोपाल कृष्ण की लीलाओं को जाना जाए।
कार्यक्रम समापन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल, प्रदेश के प्रभारी महेन्द्र सिंह, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद श्रीमती संध्या राय, विधायक विधायक लहार अम्बरीश शर्मा, विधायक भिंड नरेंद्र सिंह कुशवाह ,भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया को रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान चम्बल आयुक्त सुरेश कुमार, कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा,आईजी सचिन अतुलकर, चम्बल डीआईजी सुनील कुमार जैन,पुलिस अधीक्षक डॉ असित यादव, अपर कलेक्टर एलके पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक समेत तमाम अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




