लेखक:मनोज श्रीवास्तव
शोहदों को न यमराज मिले, न उनके पास भेजने वाले!
जब मुख्यमंत्री अपने राज्य की अच्छी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुये राज्य में निवेश लाने के लिये विदेश के दौरे पर हैं तो उसी समय उनके शहर गोरखपुर में मनचलों ने नार्थईस्ट की डॉक्टर युवती से छेड़छाड़ कर दहशत में डाल दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के ओरियन मॉल से लौटते समय 3 लोगों ने नागालैंड की महिला डॉक्टर का पीछा किया। करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा करते हुए गंदे कमेंट करते रहे। एक युवक ने लेडी डॉक्टर को डराते हुए अपनी शर्ट उतार दी। एम्स के गेट नंबर 2 के करीब पहुंचने पर युवक ने लेडी डॉक्टर को बैड टच किया तो पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी भागे।
यह घटना 22 फरवरी की रात 8 बजे की है।कैंपस पहुंचने के बाद डॉक्टर ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) में इसकी शिकायत की। इसके बाद नाफोर्डएम्स ने मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए X हैंडल पर पोस्ट किया।
नाफोर्डएम्स ने X पर लिखा- एम्स गोरखपुर में तीसरे साल की प्रसूति और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के साथ गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमला हुआ। 22 फरवरी की रात तकरीबन 8 बजे गोरखपुर में ओरियन मॉल से बाहर निकलते समय, तीन पुरुषों ने उसे घूरते रहे और अभद्र टिप्पणियां कीं। देश के पूर्वोत्तर इलाके की रहने वाली डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणियां भी कीं। तीनों एम्स के गेट नंबर दो की ओर जाने वाली सड़क पर उसका पीछा करते रहे। इस दौरान वे सभी गालियां देते रहे। उनमें से एक ने महिला डॉक्टर को डराने के लिए जानबूझकर अपनी शर्ट उतार दी। गेट नंबर दो पर सेना शिविर के पास एक आदमी ने महिला डॉक्टर को गलत तरीके से छुआ। इससे महिला रेजिडेंट डाक्टर को गहरा सदमा और आघात पहुंचा। नाफोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. देवेश दुबे ने बताया कि सोमवार सुबह यह जानकारी मिली है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए शाम तक एक लेटर जारी की जाएगी। यह मुख्यमंत्री कार्यालय, एडीजी लॉ एंड आर्डर और एम्स के डायरेक्टर तीनों जगह भेजी जाएगी।जिससे आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। मामला नाफोर्ड के डायरेक्टर तक चला गया है। अब इसमें इस बात पर विचार किया जा रहा है कि एफआईआर रेजिडेंट डॉक्टर की ओर कराई जाए या नाफोर्ड की ओर से।

वहीं नाफोर्ड ने मुख्यमंत्री योगी के नाम संबोधित एक लेटर जारी की है। जिसमें इस घटना को कानूनन गंभीर अपराध बताते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग कि गोरखपुर पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने और ओरियन मॉल व आस-पास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दें।दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और सजा दिलाई जाए। पीड़िता को पूरी सुरक्षा और काउंसलिंग दी जाए, साथ ही गोरखपुर के मेडिकल संस्थानों में महिला डॉक्टरों और पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। नाफोर्ड ने इस मामले में सीएम योगी से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर न्याय की अपील की है। इस मामले में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया यह जानकारी मिली है कि 22 फरवरी की रात को एम्स की डॉक्टर से कुछ मनबढ़ों ने छेड़खानी की है,डॉक्टर की तहरीर पर एम्स थाने में उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से एक बाइक को चिन्हित भी कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा करते हैं कि उनके राज्य में बेटी की सुरक्षा में कोई सेंध लगायेगा तो अगले चौराहे पर उस शोहदे का इंतजार करते यमराज खड़े मिलेंगे। उनको यमराज के पास भेजने से कोई रोक नहीं सकता। क्योंकि बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। योगी ने यह भी कहा है कि बेटी से छेड़छाड़ करने वालों के शहर में पोस्टर लगेंगे। लेकिन उनके शहर में हुई घटना ने योगी के दावे की हवा निकाल दिया है।प्रतीक्षा करिये जांच और गिरफ्तारी के बाद क्या परिणाम आता है।
(लेखक स्वतन्त्र पत्रकार हैं)



