(मुकेश शर्मा)
(ग्वालियर)
पूर्व केन्द्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया की जयंती पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की 81 वीं जयंती पर दीनदयाल नगर में स्वर्गीय सिंधिया की प्रतिमा स्थल पर भाजपा नेता दिनेश शर्मा के संयोजन में नागरिक मंच द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के कई मूर्धन्य कवियों ने ओज, श्रृंगार, हास्य व्यंग्य व गीतों के माध्यम से श्रोताओं मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्षता कर रहे पूर्व निदेशक प्रेमचंद सृजन पीठ उज्जैन जगदीश तोमर, मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ राजकुमार आचार्य एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक श्री रमेश अग्रवाल द्वारा स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पहार पहनाकर तथा मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। कवि सम्मेलन का प्रारंभ उरई से आई कवयित्री ऋतु चतुर्वेदी ने मां सरस्वती के वन्दना गीत से की । उसके बाद मैनपुरी के गीतकार सुधीर निश्छल ने एक गीत के माध्यम से पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया को याद करते हुए कहा.जिंदगी ये दो दिन का स्वप्न एक सलोना हैपल में टूट जाता है, आदमी खिलौना है। इटावा से आए कवि अवनीश त्रिपाठी ने आज के मोबाईल व इंटरनेट युग में लोगों की भौतिक दूरियों को लेकर व्यंग्य के माध्यम से सचेत करते हुए कहा.गूगल के दौर में पूछना बताना भूल बैठे हैं ,वीडियो कॉल चालू हुई तो घर आना जाना भूल बैठे है।

औरैया से आए ओज के सशक्त हस्ताक्षर जोशीले युवा कवि गोपाल आजाद ने अपनी कविता के माध्यम से सरकार और व्यवस्था को संदेश देते हुए कहा .संविधान में परिवर्तन हो तो इतना भारी हो। जनता की संसद से भी निर्णय जारी हो।भारत माता की जय अगर न बोले कोई तो, राष्ट्रद्रोह की धारा में फांसी की तैयारी हो। गोपाल आजाद की कविताओं के जोशीले माहौल के वाद संचालक द्वारा एक बार फिर श्रोताओं को हास्य व्यंग्य की तरफ ले जाया गया। हरदा मध्य प्रदेश के कवि मुकेश चिराग ने कवि सम्मेलन को नई ऊंचाई प्रदान की कविता के बोल थे.घर वाले सारे काम पूरे करो सुबह शाम, बर्तन मांजो तो बजाना नहीं चाहिए.जिंदगी की एक बात कहता हूं साफ- साफ, बीवी गर मारे तो चिल्लाना नहीं चाहिए।श्रृंगार की कवयित्री ऋतु चतुर्वेदी ने अपनी कविता में आज के प्रेम को कुछ यूं परिभाषित किया .रोज उपवास कर में जिसे मांगती, चीज थी कोई में उसके उपभोग की,मेरा जूंठा भी मीठा था जिसके लिए, आज उसके लिए कितनी खारी हूं में.मंच का संचालन कर रहे कवि रामलखन शर्मा ने अपनी कविता में कहा.अब अपना भी थोड़ा सा व्यवहार बदल कर देखेंगे।प्यार नहीं फल पाया तो व्यापार बदल कर देखेंगे।अगर रोग से मुक्ति नहीं मिल पाई तो फिर तय मानो,हम आँखों के पानी का उपचार बदल कर देखेंगे।
कवि सम्मेलन के अंत में शिकोहाबाद से आए देश के ख्यातनाम गीतकार रविंद्र रंजन ने अपने गीत के माध्यम से कहा.आज मंदिर में मदिरा पुजारी पिए।बुझ गए इसलिए आरती के दिए।अंत में आभार नागरिक मंच के संयोजक भाजपा नेता दिनेश शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजक मंडल द्वारा वहां मौजूद लगभग दो दर्जन स्थानीय कवियों व साहित्यकारों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहारों से सम्मान किया गया ।
कवि सम्मेलन देर रात साढ़े बारह बजे तक चला जिसको स्थानीय जनता द्वारा खूब सराहा गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद बलबीर सिंह तोमर, पूर्व पार्षद विद्यादेवी कौरव, कमलाकर सिंह, सुरेश सिंह कुशवाह, मुकेश शर्मा, एडवोकेट मोहित श्रीवास, रंजीत राठौर, विकास शर्मा, अशोक पंडित, दीपक यादव, गिर्राज बौहरे, अखिल शर्मा, रामानंद शर्मा, भाजपा नेता हरेंद्र यादव, हरी सिंह यादव, रामप्रकाश परमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष जबर सिंह गुर्जर ,अनिल कौरव, हेमंत शर्मा, सुश्री किरण भदौरिया, पूरन सिंह चौहान, शिवकुमार शर्मा, उम्मीद यादव, डॉ गौरव शर्मा, जुगल गुर्जर, अमित शर्मा, विवेक जादौन सहित सैंकड़ो स्थानीय श्रोता शामिल थे।




