(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी व हाउस अरेस्ट की सीटू द्वारा निंदा करते हुए नेताओं को अविलंब छोड़ने की मांग की
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) जिला कमेटी, गौतम बुद्ध नगर ने जनपद में चल रहे श्रमिक आंदोलनों के बाद प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। सीटू का आरोप है कि मजदूरों की जायज मांगों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के लिए पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है।
बीती रात श्रमिक नेताओं के घरों पर छापेमारी कर कई प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। सीटू नेताओं रामस्वारथ, नरेंद्र पांडे और मोहम्मद फिरोज खान को आधी रात के बाद उनके घरों से उठा लिया गया, जबकि उनकी गिरफ्तारी के संबंध में परिजनों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड मुकेश कुमार राघव को रात 1 बजे से उनके घर पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। इसके अलावा सेक्टर-8 झुग्गी बस्ती से दिनेश (कामरेड भीखू प्रसाद के पुत्र) को भी गिरफ्तार किया गया।
सीटू ने यह भी आरोप लगाया कि जहां-जहां मजदूर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने का प्रयास कर रहे हैं, वहां भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें लाठीचार्ज कर खदेड़ा जा रहा है या गिरफ्तार किया जा रहा है। सीटू जिला सचिव कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा पिछले सात दिनों से लगातार पुलिस कस्टडी में हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
गौरतलब है कि 15 अप्रैल 2026 को सीटू के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर, प्रशासनिक अधिकारियों एवं एसडीएम से मुलाकात कर श्रमिकों पर हो रहे उत्पीड़न को विस्तार से रखा था। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव, महासचिव रामस्वारथ, जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान, गुड़िया देवी सहित अन्य साथी शामिल थे। इस दौरान प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि निर्दोष मजदूरों को रिहा किया जाएगा, वेतन वृद्धि के मुद्दे पर विचार किया जाएगा तथा कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को जल्द रिहा किया जाएगा।
सीटू ने कहा कि वार्ता के बाद इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे प्रशासन के प्रति श्रमिकों का विश्वास भी कमजोर होगा और जनपद के औद्योगिक माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सीटू ने अपनी मांगों में कहीं कि सभी गिरफ्तार एवं नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किए गए श्रमिक नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए।
कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को अविलंब रिहा कर उनका मोबाइल वापस किया जाए।
निर्दोष मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
श्रमिकों एवं ट्रेड यूनियनों के साथ सम्मानजनक संवाद शुरू किया जाए।
वेज बोर्ड/हाई पावर कमेटियों में ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
न्यूनतम वेतन में वृद्धि एवं ओवरटाइम का दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
पुलिसिया दमन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
सीटू दिल्ली-एनसीआर राज्य अध्यक्ष कामरेड वीरेंद्र गौड ने बताया कि श्रमिकों की मांगों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया। हालांकि गौतम बुद्ध नगर को इन प्रदर्शनों से अलग रखा गया था, इसके बावजूद यहां दमनात्मक कार्रवाई जारी है।
सीटू जिला कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल दमनात्मक कार्रवाइयों को नहीं रोका और श्रमिकों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



