(हरिश्चंद्र पाण्डेय)
(दबोह)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा हाल ही में सागर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ‘कौरव समाज’ को लेकर दी गई कथित विवादित टिप्पणी का मामला गरमाता जा रहा है। इस टिप्पणी से आहत होकर अखिल भारतीय कौरव क्षत्रिय महासभा (बुंदेलखंड, चंबल संभाग) के बैनर तले समाज के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चौधरी मलखान सिंह कौरव (अध्यक्ष, अखिल भारतीय कौरव क्षत्रिय महासभा) के नेतृत्व में समाज के लोगों ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। समाज की गरिमा पर चोट का आरोप ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मुख्यमंत्री जैसी उच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा समाज विशेष के प्रति इस प्रकार की ‘अपमानजनक और असंगत’ टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि कौरव समाज का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है और राष्ट्र निर्माण में इस समाज का गौरवशाली योगदान रहा है। ऐसी टिप्पणियों से न केवल समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को भी ठेस पहुंची है।
ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई है जिसमें कौरव समाज ने प्रशासन के माध्यम से सरकार के समक्ष निम्नलिखित चार सूत्रीय मांगें रखी हैं:
1.सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दिया जाए और औपचारिक रूप से क्षमायाचना (माफी) प्रस्तुत की जाए।
2.भविष्य में किसी भी समाज के प्रति ऐसी अभद्र टिप्पणी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन स्तर पर कठोर दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
3.उक्त प्रकरण की समयबद्ध और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें।
4.समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों के विरुद्ध मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। संविधान में अटूट विश्वास, पर आत्मसम्मान से समझौता नहीं।
ज्ञापन के अंत में समाज के लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि कौरव समाज भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में पूर्ण आस्था रखता है। उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और समानता के सिद्धांतों की रक्षा करना है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया। अब देखना यह है कि इस गंभीर विषय पर शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। इस अवसर परअखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष मलखान सिंह कौरव,रामेश्वर कौरव,डॉ ओपी कौरव,विजय सिंह,रामजी शरण कौरव,शिवप्रकाश पप्पू ,दशरथ कौरव,नप उपाध्यक्ष हाकिम सिंह कौरव,गब्बर सिंह,देवेंद्र कौरव, सहाब सिंह,रामु राखरा,विनय सिंह,बीरेंद्र सिंह,नरेश सिंह,विवेक सिंह,शेर सिंह बरथरा मौजूद रहे।



