(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
लाखों श्रद्धालुओं की सेहत से हो रहा खिलवाड़, त्योहारों से पहले बैठकों के बावजूद धरातल पर कार्रवाई सीमित
विश्वविख्यात श्री राधा रानी मंदिर बरसाना, श्री गिरिराज महाराज मंदिर गोवर्धन, श्री बांके बिहारी मंदिर वृंदावन, श्री नंद बाबा मंदिर नंदगांव, कोकिलावन शनिदेव मंदिर सहित मथुरा जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बताया जाता है कि प्रत्येक बड़े धार्मिक आयोजन एवं त्योहार से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा समीक्षा बैठकें आयोजित कर खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन निर्देशों का अपेक्षित असर धरातल पर दिखाई नहीं देता और अधिकांश स्थानों पर मिलावटी मिठाइयों का कारोबार खुलेआम जारी रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में बेहद कम लागत में तैयार होने वाली मिठाइयों को कई गुना अधिक कीमत पर श्रद्धालुओं को बेचा जा रहा है। आरोप है कि लगभग ₹90 प्रति किलो लागत वाली मिठाई को ₹500 प्रति किलो तक बेचा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है।
गोवर्धन के मुड़िया मेले सहित अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर जहां जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्रिय दिखाई देते हैं, वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन बाद में धरातल पर उसका प्रभाव दिखाई नहीं देता।
कुछ समय पूर्व बरसाना में श्री राधा रानी मंदिर क्षेत्र में मिठाई में कथित रूप से कीड़े मिलने का मामला भी सामने आया था। उस समय विभाग द्वारा कार्रवाई की गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके बाद भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जब तक नियमित छापेमारी, नमूनों की जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी प्रभावी कार्यवाही नहीं होगी, तब तक मिलावटखोरी पर रोक लगाना मुश्किल होगा। लोगों ने मांग की है कि धार्मिक स्थलों के आसपास संचालित मिठाई एवं खाद्य पदार्थों की दुकानों की नियमित जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके और ब्रज की धार्मिक गरिमा बनी रहे।




