(आलोक तिवारी)(मथुरा) दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर ग्राम छरोरा के समीप प्रस्तावित वे-साइड एमेनिटीज (WSA) परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और व्यापारियों के बीच गहरी चिंता व्याप्त है।लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना वर्तमान स्वरूप में लागू होती है, तो यह भविष्य में एक संभावित दुर्घटना स्थल (ब्लैक स्पॉट) बन सकती है।स्थानीय […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक राष्ट्र-समाज व्यवस्था में बेहतर बदलाव के लिए डा0 लोहिया ने सामाजिक-आर्थिक संरचना में आमूलचूल परिवर्तन की बात कही थी। उनका स्पष्ट कहना था कि गैर-बराबरी को खत्म किए बिना समतामूलक समाज का निर्माण संभव नहीं है। इसके लिए उन्होंने पूंजीवादी व्यवस्था को खत्म कर समाजवादी व्यवस्था की स्थापना पर बल दिया। उन्होंने पूंजीवाद […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक भारत में जल का वितरण सर्वत्र एक समान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में यह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है तो अन्य क्षेत्रों में इसकी कमी है। आज जरुरत इस बात की है कि जल संबंधी ऐसी वितरण व्यवस्था हो ताकि जल हानि न हो और जल प्रदूषित होने से भी बच जाए। इसे […] Read more
(मुकेश सेठ)(मुम्बई) 24 मार्च को रामलीला मैदान में होने वाली रैली को सफल बनाने हेतु सीपीएम का जन अभियान तेज ग्रेटर नोएडा में निकली प्रभात रैली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) द्वारा केंद्र की मोदी सरकार की मजदूर विरोधी, कर्मचारी विरोधी एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी संघर्षों को तेज करने के उद्देश्य से 24 मार्च […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक यूनेस्को और विश्व मौसम विज्ञान संगठन की मानें तो हाल के वर्षों में ग्लेशियरों के पिघलने की दर अभूतपूर्व रुप से बढ़ी है। यह न केवल पर्यावरण बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए भी गंभीर खतरा है। हिमालय क्षेत्र के ग्लेशियर पिछली सदियों की तुलना में दस गुना तेजी से पिघल रहे […] Read more