(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
कभी चम्बल के डकैतों से थर्राता था भिण्ड तो वर्षों से परिवहन विभाग के वसूलीबाज योगेन्द्र कुशवाह की दबंगई से कांपते हैं अधिकारी और आमजन
मध्यप्रदेश का चंबल जो कभी डकैतों के आतंक से थर्राता था तो वहीं आजकल शासन,प्रशासन द्वारा पोषित दबंगों से बदनाम है।ये दबंग गुंडे बाकायदा शासन,प्रशासन के संरक्षण में सरकारी विभाग में वसूली एजेंट के रूप में कार्यरत है।

मामला भिंड जिले के मालनपुर औधोगिक क्षेत्र में परिवहन विभाग द्वारा संचालित चेक पोस्ट का है,जहांपर विभाग के कर्मचारी नहीं वल्कि शासन,सत्ता और आला अफसरों के वरदहस्त के चलते मनबढ़ दबंग लाठी के जोर पर वाहन चालकों से वसूली करते हैं।
कभी चंबल के कुख्यात डकैत रहे जगजीवन परिहार की गैंग का अस्थाई सदस्य रहा योगेंद्र कुशवाह बीते कई वर्षों से मालनपुर चैक पोस्ट पोस्ट पर अवैध वसूली कर रहा है जिसको देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त चेक पोस्ट परिवहन विभाग का नहीं बल्कि कुख्यात बदमाश योगेंद्र कुशवाह की पुस्तैनी जागीर है और योगेंद्र कुशवाह परिवहन विभाग का दत्तक पुत्र है?
इस कुख्यात दबंग से पूरा परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस भयभीत रहती है,शायद यही कारण है की अभी तक प्रभारी परिवहन आयुक्त रहे अरविंद सक्सेना योगेंद्र कुशवाह का नाम सुनते ही फोन नहीं उठाते।
अब मध्य प्रदेश में नए परिवहन आयुक्त के रुप में डीपी गुप्ता का आगमन हुआ है तो क्या वह भी वर्षों से योगेंद्र कुशवाह की दबंगई के दम पर चल रहे काले साम्राज्य पर रोक लगा पाते हैं कि एक बार फ़िर एक आला अधिकारी निजी कटर योगेंद्र कुशवाह की पहुंच और प्रकोप से दहश्तजदा रह उसकी मनमानी सहन करते रहेंगे?
मालुम हो कि मालनपुर चेक पोस्ट पर अवैध वसूली करने वाले बदमाश योगेंद्र कुशवाह पुत्र हवलदार सिंह कुशवाह (पूर्व लेखा अधिकारी नगर पालिका भिंड)निवासी ए ब्लॉक शास्त्री नगर भिंड, हाल निवास सुभांजलिपुरम बी एस एफ कॉलोनी के सामने भिंड रोड ग्वालियर से उसके मोबाइल नम्बर पर फ़ोन कर पूछा गया कि आप डी पी गुप्ता या अरविंद सक्सेना को जानते हैं तो उसने कहा मालनपुर पर मेरा राज चलता है कौन डी पी गुप्ता और अरविंद सक्सेना।
योगेंद्र कुशवाह के भिंड जिले के सुरपुरा थाने में डकैतों को रसद पहुंचाने और संरक्षण देने के लगभग आधा दर्जन मामले दर्ज हैं।

एक जानकारी के मुताबिक अभी हाल ही में चेक पोस्ट के सामने स्थित पेट्रोल पंप से डीजल ले रहे 10 पहिया वाहन से योगेंद्र कुशवाह ने 50 हजार रूपए लठैतो के बल पर वसूले।वैसे तो मालनपुर चेक पोस्ट जबसे बना है तब से विवादों के घेरे में है क्योंकि परिवहन चेक पोस्ट हमेशा अंतर्राजीय सीमा पर न होकर ग्वालियर और भिंड की सीमा पर बना है जहां से अंतर्राज्यीय सीमा 60 कि.मी से कम नही है
संपूर्ण भारत में भिंड जिला इसका अपवाद है।
भिंड जिले में वैसे तो लगभग आधा दर्जन परिवहन चेक पोस्ट हैं परंतु दो चेक पोस्ट मालनपुर और इटावा रोड़ वाले चेक पोस्ट राज्य की सीमा पर न होकर बीच जिले में हैं।इस बात का ज़बाब न तो सरकार के पास है और न विभाग के पास।इस मामले की सैकड़ों शिकायतें हुई परंतु लक्ष्मी की कृपा और गुंडों की गुंडई के चलते दब कर रह गई या शिकायत कर्ता को डरा धमकाकर चुप करा दिया गया ।
इन चेक पोस्टों पर वसूली कर रहे सामाजिक तत्व जिनको परिवहन विभाग की भाषा में कटर कहा जाता है उनको किस नियम के तहत तैनात किया जाता है, क्या उनका चरित्र सत्यापन होता है,क्या इनको वेतन परिवहन विभाग द्वारा दिया जाता है?
इतना ही नहीं इन वसूलीबाजों ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर आरटीओ भी लिख रखा है।हालांकि तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष यादव ने कार्यवाही का आश्वासन दिया था परंतु उनका उसी दिन ट्रांसफर हो गया।
अब नवागत थाना प्रभारी क्या कार्यवाही करते हैं यह भविष्य के गर्त में है लेकिन इतना सच है कि परिवहन विभाग इन अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करेगा। चेक पोस्ट प्रभारी अजीत बाथम न तो चेक पोस्ट पर बैठते हैं और न ही उनका फोन लगता है।
मजेदार बात तो यह है कि पूर्व में प्रभारी परिवहन आयुक्त रहे अरविन्द सक्सेना, योगेंद्र कुशवाह के बारे में पूछते ही फ़ोन काट देते थे तो वहीं अब नवागत परिवहन आयुक्त क्या कर पाएंगे यह तो आगामी वक्त ही बताएगा कि एक बड़े सरकारी अधिकारी इस दबंग व कुख्यत निजी कटर योगेंद्र कुशवाह से लोगों को मुक्ति दिला पाएंगे कि यह भी अपने पूर्ववर्ती अधिकारियों की तरह गांधारी की तरह अफसरी करते रहेंगे।
(अकूत संपत्ति का मालिक है योगेंद्र का परिवार)
: मालनपुर परिवहन चेक पोस्ट पर अवैध वसूली करने वाला योगेंद्र कुशवाह का परिवार अकूत संपत्ति का मालिक है, योगेंद्र का भाई कौशलेंद्र कुशवाह मालनपुर में आइडियाज डेन्टल कॉलेज का संचालक है जिसकी कीमत कई करोड़ों में है।इसके अलावा शहर में दोनों भाइयों के पास भी कितनी बेनामी संपत्ति है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
सूत्र बताते हैं कि इनकी सभी संपत्ति में परिवहन विभाग की अवैध वसूली का पैसा लगा हैं। इतना ही कुख्यात योगेंद्र आरटीओ की गाड़ी स्वयं स्तेमाल करता है,जो ग्वालियर में शुभांजली पुरम स्थिति इसके मकान पर खड़ी रहती है।
इसके विडियो फुटेज मालनपुर टोल प्लाजा से प्राप्त किए जा सकते)
जब योगेन्द्र कुशवाह से पूछा गया कि आप किस पद पर परिवहन विभाग में तैनात हैं और वेतन क्या है तो उसने कहा कि मुझे वेतन विभाग किस मद से देता है ये सवाल आप परिवहन विभाग के अधिकारियों से पूछिए मेरा काम वसूली करना है।




