★मुकेश शर्मा★
★ग्वालियर★
मिठाई खरीदने के लिए आयुक्त ने दिए थे आदेश
सांची दुग्ध की 550 समितियां सदस्य पर एक भी मौके पर चालू नहीं कहाँ से आता है इतना दूध!
♂÷ स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली बच्चों के लिए सांची दुग्ध संघ द्वारा फफूंद लगी मिठाई स्कूलों को बेचने के आरोप लगे है।आरोप लगाते हुए अनामिका कॉन्वेंट स्कूल के संचालक शेलेंद सिंह राठौर ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन दिया है ।
स्वतंत्रता दिवस पर दुग्ध उत्पादन संघ से मिठाई खरीदने के लिए सभी कलेक्टरों और शिक्षा अधिकारियों को आयुक्त ग्वालियर चंबल संभाग/अध्यक्ष संची सहकारी दुग्ध संघ दीपक कुमार सिंह ने लिखित आदेश दिए थे ज्ञात हो कि सेंट्रल रेलवे में भी सांची दुग्ध संघ के उत्पादकों की सप्लाई जाती है ।अनामिका कॉन्वेंट स्कूल के संचालक ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर जांच कर कार्यवाही की मांग की है । शिकायत के बाद एसडीएम चौहान ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाही को अंजाम देते हुए सैम्पल लेकर जांच के लिए भेज दिया हैं । स्कूल संचालक शेलेंद्र सिंह राठौर ने सांची के मैनेजर अनुराग सेंगर पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं । सांची दुग्ध संघ का इतनी गंभीर अनियमितताओं का यह सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें दुग्ध संघ द्वारा स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य व जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई।
मामला कुछ इस प्रकार है कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर चम्बल कमिश्नर तथा दुग्ध संघ के पदेन अध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के आदेश पर कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग के द्वारा इस बार विद्यालयों को आदेशित किया गया था कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अध्ययनरत छात्र छात्राओं को सांची के द्वारा निर्मित पेड़ों का वितरण मिठाई के रूप में किया जाए, इसके पीछे आयुक्त/अध्यक्ष की मंशा शायद यह होगी कि बच्चों को शुद्ध मिठाई मिलने के अलावा दुग्ध संघ की आय भी हो जायेगी पर यहाँ तो सर मुड़ाते ही ओले पड़ गये।
आयुक्त ने अपने अध्यक्ष के कार्यकाल में कभी दुग्ध संघ का दौरा भी नहीं किया होगा? क्योंकि दौरा करते तो उनको पता चलता कि सांची दुग्ध संघ की ग्वालियर इकाई में 550 दुग्ध सहकारी समितियां सदस्य हैँ पंरतु मौके पर कितनी चालू हैँ और संघ द्वारा संचालित प्लांट में इतना दूध कहां से आता है?इसी लापरवाही के चलते अंचल के सैंकड़ों स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जान जाते जाते बची। आयुक्त का आदेश मानते हुए स्कूल संचालकों ने अपने ऑर्डर सांची के अधिकारियों को लिखवा दिए। स्कूल संचालकों के द्वारा यह मिठाई 14 अगस्त की शाम को वितरण हेतु खरीदी गई और 15 अगस्त को सुबह जब यह मिठाई छात्र-छात्राओं को वितरित करना शुरू की गई तो कई स्कूलों के पैकेटो में फफूंद लगी और सड़ी हुई मिठाई पैकेटो से निकलने लगी जिसके चलते मिठाई के वितरण पर स्कूल संचालकों ने रोक लगा दी और जिन बच्चों को मिठाई बट चुकी थी उनसे मिठाई वापस ले ली गई।इस बात की सूचना तुरंत सांची के अधिकृत अधिकारियों को दी गई जिस पर सांची के अधिकारियों ने कहा कि आप मिठाई वापस भेज दें और अपने पैसे वापस ले ले। यह मामला कोटेश्वर मंदिर के पास विनय नगर सेक्टर नंबर 4 स्थित अनामिका पब्लिक स्कूल मैं हुआ। जिसको लेकर विद्यालय के शिक्षकों में काफी आक्रोश है जिसके बाद सभी लोग शिकायत को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पहले तो अफसरों ने मामले में टालने की कोशिश की लेकिन मीडिया के पहुंचने पर मामले की गंभीरता को समझते हुए अधिकारियों ने तुरंत सांची के डिपो गोले का मंदिर पर पहुंचकर कार्यवाही को अंजाम दिया। कार्यवाही के चलते टीम ने वहां से 17 अगस्त की एक्सपायरी डेट वाला सैंपल जब्त कर लिया गया है। फूड विभाग की टीम ने सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है। इस विषय पर जब सांची के अनुराग सेंगर से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां से मिठाई को चेक कराके दिया जाता है फिर भी कुछ गलत हुआ है तो उसके लिए हमने मिठाई वापस मंगाई थी, हो सकता है विद्यालय द्वारा मिठाई को ठीक ढंग से नहीं रखा गया हो । इधर अनामिका कॉन्वेंट स्कूल के संचालक ने भी सांची के मैनेजर पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं ।सांची विभाग के संबंधित अधिकारियों का यह बयान समझ से परे है कि मिठाई के रैपर पर एक्सपायरी डेट 17 अगस्त है और मिठाई 14 अगस्त को खरीदी गई, 15 अगस्त को वितरण होना था एक रात में मिठाई में कैसे फफूंद आ सकती है ?

जिस सांची प्रोडक्ट का सामान रेलवे में सफर करने वाले लाखों लोग आंख बंद करके विश्वास कर उपभोग करते हैं आज उस सांची ने उन लाखों लोगों के विश्वास को चूर-चूर कैसे कर दिया ? सांची डिपो के अधिकारी ने स्कूल संचालकों से यह तक कहा की आप यहां से मिठाई चेक करके क्यों नहीं ले गए जबकि यह मिठाई एक बॉक्स में पैक थी। इस मामले की बारीकी से जांच की जानी चाहिए और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोप सिद्ध होने पर दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि यह मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित सांची दुग्ध संघ की छवि का विषय है लाखों लोगों के विश्वास का विषय है ।
इनका कहना है …..
1-आयुक्त ग्वालियर चंबल संभाग दीपक कुमार के आदेश एवं शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार हमने गोले का मंदिर स्थित सांची दुग्ध संघ से 14 अगस्त की शाम को मिठाई खरीदी जिसका बिल हमारे पास उपलब्ध है तथा 15 अगस्त को सुबह बच्चों को मिठाई वितरित की गई तो उसमें फफूंद पाई गई जिसको लेकर बच्चों के परिजनों ने काफी हंगामा किया तथा स्कूल की छवि धूमिल करने की कोशिश की इसलिए हमने सांची दुग्ध संघ के मैनेजर से बात की लेकिन उनका रवैया ठीक नहीं था उन्होंने हमसे और खाद्य विभाग की टीम से अभद्र व्यवहार किया जिसको लेकर हमने कलेक्टर महोदय से शिकायत की जिस पर कलेक्टर ने एसडीएम को भेजकर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की और सेंपल जांच के लिए भेज दिए ।
शेलेंद्र सिंह राठौर
संचालक, अनामिका कॉन्वेंट स्कूल
ग्वालियर।
2-हमने सभी स्कूल संचालक को मिठाई चेक कराके दी है, हो सकता है स्कूल संचालक द्वारा मिठाई के रख रखाव में कोई त्रुटि हुई हो क्योंकि हमारे द्वारा निर्मिति मिठाई 4 दिन में एक्सपायर हो जाती है। फिर भी हमने मिठाई वापस भेजने को कहा था । इनके अलावा केवल अशोक नगर से ऐसी शिकायत मिली थी बांकी और कहीं से कोई शिकायत नहीं आई है लेकिन फिर भी हमने अपने स्टाफ की गलती की जांच के लिए आदेश कर दिए हैं लेकिन अन्य कई सवालों के जबाब सैंगर संतोषजनक तरीके से नहीं दे पाए ।
अनुराग सिंह सेंगर
मैनेजर, सांची दुग्ध उत्पादन संघ
ग्वालियर

3- संची दुग्ध संघ में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है,संघ में 550 समितियां पंजीकृत हैँ और 150 समितियां अन्य हैँ लेकिन जौरा क्षेत्र की कुछ ही समितियां है जो दूध सप्लाई ठीक ठाक़ करतीं हैँ बाकी किसी समिति का मौकेपर कोई स्ट्रचर नहीं है और न इतना दूध का उत्पादन संभाग में होता है फिर इतना दूध सांची के पास आता कहांसे है यह गंभीर जांच का विषय है।अगर दूध नकली आएगा तो मिठाई नकली बनेगी।
राजेंद्रसिंह तोमर
पूर्व अध्यक्ष ग्वालियर दुग्ध सहकारी संघ




