★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
प्रयागराज पुलिस नें भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हत्यारे लवलेश,अरुण व सनी को सीजेएम कोर्ट में किया पेश,मांगी 14 दिनों की रिमांड
पिछले दिनों पुलिस अभिरक्षा में अतीक-अशरफ़ की लवलेश,अरुण व सनी ने सनसनीखेज तरीके से गोली मारकर कर दी थी हत्या
रिमाण्ड पर लेकर पुलिस तीनो से पूछताछ में इस हत्याकांड के पीछे के साजिशकर्ता व अतीक-अशरफ़ की हत्या से किसको क्या फ़ायदा था के राज से पर्दा उठाने की करेगी कोशिश
♂÷उत्तरप्रदेश ही नही बल्कि कई सूबों में भी अपने काले साम्राज्य के बूते आतंक का पर्याय माने जाने वाले प्रयागराज के माफ़िया ब्रदर्स अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के क़त्ल बाज अरुण,सनी व लवलेश को आज प्रयागराज पुलिस ने भारी भरकम सुरक्षा व्यवस्था के मध्य सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
पुलिस ने तीनों क़ातिलों लवलेश,अरुण व सनी से और पूछताछ कर जानकारी जुटाने के लिए 14 दिनों की रिमाण्ड की गुजारिश की जिस पर अदालत ने पुलिस की अर्जी पर तीनों हत्यारों को पुलिस की रिमांड में भेज दिया,हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोर्ट ने पुलिस को कातिलों की कितनों दिनों की रिमांड सीजेएम कोर्ट ने मंजूर की है उसका आदेश नही आया है। पुलिस तीनों को लेकर कोर्ट परिसर से निकल चुकी है।

पुलिस अब तीनों कातिलों से अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में पूछताछ करेगी।पूछताछ में इस हत्याकांड के राज से पर्दा उठने के आसार हैं।तीनों कातिलों से पूछताछ में इस हत्याकांड की सच्चाई सामने आ सकती है कि अखिर कौन लोग इसके पीछे हैं और उनकी मंशा क्या रही।
अतीक-अशरफ़ की हत्या कर किन राज पर पर्दा डालने से किन लोंगो को किस तरह का फ़ायदा होगा,अतीक-अशरफ़ पुलिस को रिमाण्ड की अवधि में ऐसी क्या जानकारी और सबूत मुहैया कराए और क्या बताने वाले थे कि प्रभावशाली लोंगो को ख़तरा महसूस होने लगा था।
अतीक अहमद ने पुलिस को पाकिस्तान की खतरनाक ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई व कुख्यात आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा से भी सम्पर्क होने की बात की थी।
उधर उसके भाई अशरफ़ ने प्रयागराज के एक बड़े पुलिस अधिकारी के ऊपर कुछ दिन पहले मीडिया के सम्मुख आरोप लगाया था कि उस अफ़सर ने धमकी दी है कि जेल से रिमाण्ड पर बाहर निकालकर उसको मरवा देगा।
अशरफ़ ने यह भी कहा था कि अगर उसकी हत्या होती है तो उसके द्वारा अफ़सर के नाम को वह लिखकर अपने ख़ास व्यक्ति को बंद लिफ़ाफ़ा दे दिया है कि ऐसा होने पर वह उस लिफ़ाफ़े को चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दे देगा।

इससे पहले आज सुबह अतीक और अशरफ के तीनों कातिलों को प्रतापगढ़ जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीजेएम कोर्ट लाया गया। पूरे कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। सुरक्षा इतनी मजबूत थी की परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। बता दें कि अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के बाद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम मोल नहीं लेना चाहता था। इसलिए आरएएफ, पीएसी को मुस्तैदी के साथ तैनात किया गया था।




