(मुकेश सेठ)(मुम्बई)
पूर्व घोषित संसद मार्च में उमड़े जन सैलाब को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने की भारी बैरिकेडिंग किसानों से हुईं पुलिस की झड़प
किसान सभा जिलाध्यक्ष डॉ रुपेश वर्मा सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा सहित सैकड़ों किसानों की गिरफ्तारी के बाद भी किसानों ने हक़ लिए भरी हुंकार

नोएडा में किसानों को 10% प्लॉट, नए भूमि अधिग्रहण का लाभ किसानों को देने, बढ़ा हुआ अतिरिक्त 64% मुआवजा, आबादियों का निस्तारण लीजबैक आदि कई ज्वलंत मुद्दों/ मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान परिषद, जय जवान जय किसान संगठन के संयुक्त आह्वान पर आज दिल्ली सांसद मार्च का ऐलान किया गया था उक्त से घबराई हुई उत्तर प्रदेश की सरकार ने पुलिस के माध्यम से किसान प्रतिनिधियों संगठनों के कार्यकर्ताओं को कल से ही हाउस अरेस्ट, नजर बंद, गिरफ्तार करना शुरू कर दिया किसान सभा के जिला अध्यक्ष रुपेश वर्मा, सीटू जिला अध्यक्ष गंगेश्वर दत्त, किसान सभा के वरिष्ठ नेता अजब सिंह, मोहित नगर, प्रशांत आदि सैकड़ो लोगों को गिरफ्तार करने के बावजूद भी बड़ी संख्या में किसान अपने हक के लिए सड़कों पर निकले जगह-जगह पुलिस ने वेरी केट लगाकर प्रदर्शन में जाने से किसानों को रोका, पुलिस के साथ किसानों का जगह-जगह टकराव भी हुआ पुलिस के तमाम प्रयास दमन के बावजूद भी किसानों ने महामाया फ़्लाई ओवर पर इकट्ठा होकर दिल्ली के लिए कुच किया दिन भर चले हंगामा/प़र्दशन के बाद प्रशासन की किसानों साथ बातचीत हुई जिसमें शासन स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक करने पर सहमति बनने के बाद किसानों ने दिल्ली जाने का कार्यक्रम स्थित किया।
सीटू जिला अध्यक्ष गंगेश्वर शर्मा ने कहा कि आज का किसान आंदोलन अपने मकसद में सफल रहा। पुलिस ने हमें गिरफ्तार कर बी- 45, होजरी काम्प्लेक्स फेस-2, नोएडा कंपनी में नजर बंद करके रखा और रात्रि 8:00 बजे हमें रिया किया गया इसी तरह जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में किसानों को गिरफ्तार करके रखा गया उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाना, धरना प्रदर्शन करना जनता का संवैधानिक अधिकार है गौतम बुध नगर पुलिस ने उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर तमाम नियम कानून का उल्लंघन कर लोकतंत्र का गला घोटने का कार्य किया है जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा, किसान सभा जिला कोषाध्यक्ष अजी पाल भाटी ने कहा कि जब तक किसानों का हक उन्हें नहीं दिला देंगे तब तक संघर्ष जारी रहेगा।




