(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
√ धरने के पांचवें दिन किसान एकता संघ ने धरना स्थल पर पहुंचकर किया समर्थन का ऐलान
√ सरकार कमेटी की सिफारिश के आधार पर किसानों की समस्याओं का करे हल- डॉ रूपेश वर्मा
गौतम बुद्ध नगर कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगो को लेकर अनिश्चित कालीन धरना आज शनिवार को पाँचवे दिन भी जारी रहा।
धरनारत किसानों को किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान के नेतृत्व में उनकी पूरी कार्यकारिणी के लोग धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे।
इस मौके पर सोरन प्रधान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 20 अक्टूबर को किसान एकता संघ के हजारों किसान धरने पर भागीदारी करने पहुंचेंगे और किसान एकता संघ इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ है।
धरने को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ रुपेश वर्मा ने कहा की धरना सुयोजित तरीके से चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि धरने के कारण ही गौतम बुद्ध नगर में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से बनी कमेटी की सिफारिश पर सरकार एक्टिव हो गई है और उस पर कार्य शुरू कर दिया है।
कलेक्ट्रेट पर धरना कलेक्टर के कमेटी में सदस्य होने की वजह से रखा गया है, सरकार द्वारा कमेटी की सिफारिश को दबाए जाने के कारण और खुलासा नहीं करने के कारण धरने को शुरू किया गया है।
वर्मा ने कहा कि धरने का मकसद है कि कमेटी की सिफारिशें पटल पर आए सरकार सिफारिश के आधार पर प्राधिकरण को शासनादेश जारी करें और प्राधिकरण शासनादेश के अनुसार किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए कार्रवाई करें। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने संबोधित करते हुए कहा कि 21 फरवरी 2024 को कमेटी का गठन किसानो की समस्याओं को हल करने के मकसद से किया गया था इसीलिए संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में धरना आयोजित किया गया है जिसमें यमुना नोएडा ग्रेटर नोएडा के किसान संगठन एकजुट होकर धरना दे रहे हैं।
हाई पावर कमेटी की सिफारिश के उजागर होने तक धरना जारी रहेगा। जय जवान जय किसान मोर्चा के अध्यक्ष सुनील फौजी ने कहा कि लड़ाई आरपार की है, नई भूमि अधिग्रहण कानून का पिछले 10 वर्षों से जानबूझकर अनुपालन नहीं किया गया है और किसानों की जमीनों के खरीद के भाव कानून के उल्लंघन में अत्यंत कम दर पर रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां किसानों की जमीनों के बाजार भाव ₹15000 प्रति वर्ग मीटर तक है वहीं प्राधिकरण की ओर से किसानों को मात्र ₹4000 प्रति वर्ग मीटर के भाव देने की कोशिश, किसानों की जमीनों की लूट के अलावा कुछ नहीं है।
ऐछर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेश भाटी ने कहा कि 10 परसेंट प्लाट का मसला सबसे बड़ा मसला है हल कराके ही दम लेंगे। एनटीपीसी के किसानों का नेतृत्व कर रहे अनूप राघव ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि एनटीपीसी के किसानों की रोजगार मुआवजे और राख को प्रभावित किसानों को निशुल्क देने की लड़ाई है लड़ाई जीत कर ही धरना खत्म होगा।
धरने में मोनू मुखिया, नरेश नागर, बाबा करतार, नीरज चौहान, बबलू नेताजी संजय भाटी बोडाकी जितेंद्र भाटी कृषक शक्ति प्रवीण त्यागी, पवन त्यागी, अमित त्यागी, अनिल त्यागी, गिरीश त्यागी, दुष्यंत सैन, निरंकार प्रधान, निशांत रावल, सुधीर रावल, भोजराज रावल, बबलू प्रधान, धर्मवीर, विजय भाटी, देवेंद्र भाटी, विनोद चकरपुर, शांति देवी, गीता देवी, हृदेश शर्मा अजब सिंह भाटी सचिन एडवोकेट, प्रवीण चौहान, विरेद्र राघव मुकेश राणा जितेंद्र राणा करण राघव पंकज खारी नितिन राणा सतबीर यादव, गबरी यादव ओम दत्त पंडित जी, भीम सिंह, अजय पाल भाटी, सुंदर प्रधान पप्पू ठेकेदार मनोज प्रधान मनवीर खानपुर सूले यादव बुधपाल यादव सतबीर यादव, मास्टर राजवीर सिंह सतपाल खारी धर्मेंद्र भाटी अशोक भाटी प्रशांत भाटी गुरप्रीत एडवोकेट मोहित भाटी मोहित यादव मोहित नागर बाबा रंगलाल भाटी जयप्रकाश आर्य और अनूप राघव गोपाल शर्मा विक्रम भारती, जगत प्रधान संजय शर्मा जयवीर प्रधान सोनू पहलवान नीरज गुर्जर कंवरपाल प्रधान उदल आर्य, सचिन एडवोकेट जोगेंद्र देवी रईसा बेगम तिलक देवी रीना भाटी संतोष सविता रीता गीता सुनीता सैकड़ो महिला पुरुष शामिल रहे।




