लेखक~सुभाषचन्द्र
♂÷पिछले दिनों राज्यसभा में पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने दिल्ली के लिए पेश किए गए विधेयक पर जब बोलना शुरू किया, तब 4 महिला सांसदों ने उनका इसलिए बहिष्कार किया क्योंकि उनके ऊपर यौन शोषण के आरोप लगे थे।
वो सांसद थी समाजवादी पार्टी की जया बच्चन, उद्धव बाला साहेब ठाकरे शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, TMC की सुष्मिता देव (पहले दोनों सदस्य कांग्रेस में थी) और NCP की वंदना चव्हाण।
अब राहुल गांधी के “उड़ते चुंबन” देने के महिलाओं के प्रति किए गए दंडनीय अपराध की वकालत करती कुछ महिलाओं की समझ पर अफ़सोस होता है लेकिन जया बच्चन खामोश है, उन्होंने कुछ नहीं कहा राहुल के अशोभनीय आचरण पर।
शायद इसलिए कि वह bollywood में ड्रग्स की वकालत करती हैं और जो उसके खिलाफ लड़ते हैं, उन पर आरोप लगाती हैं कि जिस थाली में खाते हो, उसी में छेद कर रहे हो ,वह रंजन गोगोई पर लगे आरोपों को नहीं भूलना चाहती परंतु अपनी नातिन को कहती हैं कि वो यदि बिन ब्याही माँ बन जाए, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
बिहार से कांग्रेस की विधायक नीतू सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी के पास लड़कियों की कोई कमी नहीं है जो वह एक 50 साल की बूढ़ी को Flying Kiss देंगे।
अब इस बात का मतलब तो यह भी निकाला जा सकता है कि कांग्रेस की लड़कियों के साथ राहुल गांधी असली चुम्बन लेता है और किसी को कोई ऐतराज़ नहीं होता।
ऐसा कहना सभी महिलाओं का अपमान करने जैसा है कि हर लड़की राहुल से असली kiss कराने को आतुर रहती है।
अब TMC सांसद महुआ मोइत्रा की सुनिए,वह कह रही हैं कि जब हम लोग महिला पहलवानों के यौन शोषण पर उनसे बात कर रहे थे, तब स्मृति ईरानी चुप क्यों थी। मतलब यह भी एक राहुल गांधी को बचाने का एक तरीका है।
महुआ मोइत्रा यह बताएं कि जब नूंह में हिन्दुओं पर हमले हुए तब वे महिला पहलवान कहां थीं।
इसके बाद बात करते हैं प्रियंका चतुर्वेदी की जो कल तक कांग्रेस में थी और आज उद्धव सेना में हैं और उनका कहना है कि “बीजेपी को नफरत की आदत हो गई है, इसलिए मोहब्बत रास नहीं आ रही” , कुछ कहा नहीं जा सकता परंतु लगता है प्रियंका को भी खुली मोहब्बत पसंद रही है कांग्रेस में।
लेकिन सवाल यह उठता है मैडम प्रियंका कि जब ऐसा मोहब्बत का बाजार खुला था कांग्रेस में तो आप कांग्रेस से बाहर क्यों निकली ? ये तो आपको ज्यादा पता होगा न कि वो कौन लोग थे जिन्होंने मथुरा में आप पर हमला कर “मोहब्बत” लुटाई थी।
चलिए हम याद करा देते हैं – वे लोग थे,
“अशोक चकलेश्वर, उमेश पंडित, प्रताप सिंह, अब्दुल जब्बार, गिरधारी लाल पाठक, भूरी सिंह जायस, प्रवीन ठाकुर और यतीन्द्र मुकादम”।
इन लोगों ने पूरी “मोहब्बत” दिखाई आपके लिए और आपकी शिकायत पर उन्हें काँग्रेस पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया परंतु आपके द्वारा पार्टी छोड़ने के बाद काँग्रेस ने उनका निलंबन रद्द कर दिया था।
लेकिन आज आप उसी कांग्रेस की “मोहब्बत” में पागल हुए जा रही हैं।
कुछ तो दीन ईमान होना चाहिए या केवल स्मृति ईरानी का विरोध इसलिए करना है क्योंकि वह भाजपा में है, शायद बहुत महिलाएं हैं कांग्रेस में,जो राहुल की हर तरह की हरकत स्वीकार करती हैं और इसलिए ही आज उनके साथ खड़ी हैं।
अब राहुल गाँधी की हरकत का बचाव करने वाली महिला नेताओं को यह भी याद होगा कि कभी काँग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रेणुका चौधरी ने कहा था कि “रेप की क्या बात करते हो, रेप तो होते रहते हैं” – फिर ऐसी पार्टी के लिए “उड़ते चुंबन” की क्या वैल्यू है।
इस विषय पर राहुल गाँधी का साथ देने वाली महिलाओं को याद रखना चाहिए कि कल उनके साथ भी कुछ हो सकता है, महुआ मोइत्रा को तो TMC के बारे में कुछ ज्यादा ही पता होना चाहिए।
÷लेखक सुभाष चन्द्र उच्चतम न्यायालय के प्रख्यात विधि वेत्ता हैं÷




