(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
“अज्ञात” ने अब तक 30 से ज्यादा बड़े आतंकवादियों को भेजा जहन्नुम जिनमें शामिल हैं भारत के बड़े आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड
एयर इंडिया के विमान हाईजैकर मोहम्मद रियाज़, पठानकोट एयरबेस हमले का आरोपी मोहम्मद अज़मल,RSS मुख्यालय हमले का आरोपी अमीर हमजा को भी अज्ञात ने पहुंचाया जहन्नुम
बीटी रात पाकिस्तान में “अज्ञात धुरंधरों”ने भारत में अनेक आतंकी हमलों में शामिल खूंखार आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के संस्थापकों में से एक और हाफिज सईद का ख़ास साथी माने जाने वाला प्रांतीय कमांडर शेख़ युसुफ अफरीदी को खैबर पख़्तूनख्वा में गोलियों से भून कर जहन्नुम रवाना कर दिया।
जिससे पुनः पाकिस्तान में अज्ञात धुरंधरों का खौंफ आतंकियों और अंडरवर्ल्ड में तारी हो चुका है।
जबकि अभी दो दिन पहले ही हाफिज सईद का एक और करीबी साथी अमीर हमजा को भी अज्ञात गनमैन ने जिन्दगी का “स्विच”गोली मारकर “ऑफ” कर दिया था। अमीर हमजा नागपुर में स्थिति RSS मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था।
लगभग तीन वर्ष के दौरान अब यूं तो तक कई आतंकियों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों को अज्ञात धुरंधरों ने मौत बांट चुका है।
एक वक्त था कि पाकिस्तान जब चाहता था तब भारत में कहीं भी आतंकी हमले करवा कर देश में दहशत फैलाने के साथ ही नागरिकों को मौत बांट देता था वहीं अब जब से केन्द्र में सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से लगभग आतंकी घटनाएं बन्द हो चुकी हैं।
विदित हो कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले चाहे वह उरी, पुलवामा हो या फिर कश्मीर के पहलगाम घूमने गए पर्यटकों को धर्म पूछकर आतंकियों द्वारा हत्या करने की हृदयविदारक घटना रही हो मोदी सरकार में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर बड़े पैमाने पर आतंकियों का सफ़ाया करने से पीछे नहीं हटे हैं।
उधर आतंकियों को पैदा करने वाले पाकिस्तान में बीते 2–3 वर्षों में जिस तरह से भारत में हुए बड़े आतंकी हमले हो या फिर एयर इंडिया के विमान को हाइजैक कर आतंकवादियों को छुड़वाने वाले मोस्ट वॉन्टेड आतंकी, अज्ञात गनमैन ने जिस तरह से 30 से ज्यादा दहशतगर्दों को ठोक कर जहन्नुम रवाना किया है उससे पाकिस्तान में के आतंकिस्तान में ही आतंक फैला हुआ है।
अक्सर पाकिस्तान में यह बाते उठती है कि यह हत्याएं भारत की इंटरनेशनल एजेंसी “रॉ” की करतूत है तो वहीं भारत ने इससे इनकार किया है।

हाफिज सईद जैसे अनेकों इंटरनेशनल टेररिस्ट जहां पहले भारत को आए दिन ख़त्म करने की धमकी वाली तकरीर देते फिरते थे पाकिस्तान में तो वहीं भारत का भगोड़ा डॉन और अंतर्राष्ट्रीय आतंकी दाऊद अब्राहिम समेत जैसे बड़े आतंकी अब पाकिस्तान की सेना और ISI की सुरक्षा में बिल में दुबके हुए हैं अज्ञात गनमैन की दहशत की वजह से।
पाकिस्तान में हाल के कुछ वर्षों के दौरान एक रहस्यमय सिलसिला देखने को मिल रहा है, जिसमें “अज्ञात गनमैन” द्वारा कई बड़े आतंकी सरगनाओं को निशाना बनाया गया है। ताजा मामला लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर यूसुफ अफरीदी की हत्या का है, जिसने इस ट्रेंड को फिर चर्चा में ला दिया है।
पिछले 3 वर्षों में 30 से अधिक बड़े आतंकवादी
“अज्ञात हमलावरों” द्वारा मारे जा चुके हैं जबकि छोटे आतंकी और भारत विरोधी क्रिमिनल भी ठोके गए हैं।
मालुम हो कि वर्ष 2023 में ही 7 आतंकियों को 7 महीनों में “अज्ञात धुरंधरों” द्वारा खत्म किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
हिजबुल मुजाहिदीन (HM)
समेत “भारत के मोस्ट वांटेड” कई आतंकी इसी तरह मारे गए।
हाल के वर्षों में मारे गए बड़े आतंकियों में शामिल
जहीर मिस्त्री (IC-814 हाईजैकर),
अबू कताल/कताल सिंधी (लश्कर कमांडर),
सैफुल्लाह खालिद (RSS हमले का मास्टरमाइंड) सहित
कई अन्य लश्कर और जैश के ऑपरेटिव को”अज्ञात”ने मौत के घाट उतारा है।
अब इसी कड़ी में दो दिन पूर्व लबे रोड मारे गए आतंकी यूसुफ अफरीदी का नाम भी जुड़ गया है।
अज्ञात धुरंधरों की “मर्डर स्टाईल”है कि वह
मोटरसाइकिल पर सवार होकर आते हैं और
नजदीक से फायरिंग (point-blank shooting)
भीड़भाड़ वाले इलाके में
हमले के बाद तुरंत गायब हो जाते हैं।
यह पैटर्न लगभग हर केस में समान पाया गया है।
पाकिस्तान भले ही कभी कभार भारत को इसके लिए जिम्मेदार बताता है किन्तु आज तक एक भी सबूत अंतरराष्ट्रीय जगत के सम्मुख रख नही पाया है तो वहीं अब तक किसी ने भी इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
विशेषज्ञों के मुताबिक
यह “टारगेटेड किलिंग” की सुनियोजित रणनीति हो सकती है इससे आतंकी नेटवर्क में डर और अस्थिरता फैल रही है और
कई संगठनों की नेतृत्व संरचना प्रभावित हुई है।
पाकिस्तान में “अज्ञात गनमैन” द्वारा आतंकियों की हत्या का सिलसिला अब एक बड़ा सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दा बन चुका है।
कुल मिलाकर 30 से अधिक हाई-प्रोफाइल आतंकी इस रहस्यमय अभियान में मारे जा चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
पाकिस्तान में “अज्ञात धुरंधरों” ने कई बड़े आतंकवादी सरगनाओं मार गिराया है जिसमें प्रमुख नाम, स्थान और साल को पाकिस्तान के टेररिस्ट और अंडरवर्ल्ड दशकों तक नहीं भूल पाएंगे।
वर्ष 2022 से 2023 के बीच ही कई बड़े आतंकी मारे गए जिनमें कराची में जहीर मिस्त्री और
IC-814 हाईजैकिंग से जुड़ा आतंकी
मुहम्मद रियाज (अबू काशिफ),लश्कर-ए-तैयबा ऑपरेटिव
खालिद रज़ा कराची,
अल-बद्र से जुड़ा आतंकी
सैयद नूर शालोबर खैबर पख्तूनख्वा,आतंकी नेटवर्क सहयोगी
शाहिद लतीफ सियालकोट,पठानकोट एयरबेस हमले का आरोपी
मुहम्मद अजमल (अबू मुजाहिद),लश्कर से जुड़ा
जैश कमांडर अबू कताल सिंधी,जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा नाम
हंजला अदनान,
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा
सैफुल्लाह खालिद जो कि
नागपुर RSS मुख्यालय हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है।
दो दिन के दरमियान खूंखार आतंकी अमीर हमजा तो
(लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक) कमांडर
यूसुफ अफरीदी को “अज्ञात गनमैन” ने खैबर पख्तूनख्वा में ठोक डाला।
इन सभी हत्याओं में समान पैटर्न पैटर्न “अज्ञात” के द्वारा अपनाया गया है जिसमें
बाइक सवार हमलावर अचानक से
नजदीक से गोली मारकर
फरार हो जाते हैं।
कुल मिलाकर पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के खिलाफ एक संगठित और लगातार चल रहा “टारगेट किलिंग ऑपरेशन” जैसा माहौल बन चुका है।
अब तक इन सालों के दौरान हुई हत्याओं में शामिल किसी भी अज्ञात धुरंधरों को पाकिस्तान की एजेंसी पुलिस पकड़ने को कौन कहे यह भी पता नहीं लगा पाई है कि आते कहां से है और टार्गेट किलिंग कर गायब कहां हो जा रहे हैं।




