मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति बाद यूपी से बीजेपी ने राज्यसभा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया! जानिये भाजपा के प्रत्याशियों के संदर्भ में!


धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्या सागर, सोनकर, गोपी कृष्णा पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप चौहान, श्रृति गंगवार।
धर्मपाल सिंह- उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री और बरेली की आंवला विधानसभा सीट से विधायक धर्मपाल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। वह लगातार दो बार से राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।लोध क्षत्रप पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह “राजू भइया” और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा की लड़ाई में धर्मपाल सिंह की लॉटरी निकली।
राधाकांत ओझा- प्रयागराज से आने वाले राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के दो बार अध्यक्ष चुने जा चुके हैं और विधिक क्षेत्र में प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। किसी कद्दावर व्यक्ति के विरोध स्वरूप भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी का नाम कटने के बाद संगठन ने इनके नाम को आगे किया।
प्रकाश पाल- वर्तमान में उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल पूर्व में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे पहले वह पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। वह संगठन को मजबूत करने में लगातार सक्रिय रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भिड़ने में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बाद प्रकाश पाल ही अखिलेश यादव और कांग्रेस को घेरते हैं। विपक्षियों पर आक्रमण करने में यह प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से भी आगे रहते हैं।
विद्या सागर सोनकर- मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले विद्या सागर सोनकर भाजपा के संघ विचार धारा के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारकों के आदर में सदैव आगे रहने वाले आध्यात्मिक स्वभाव के एडवोकेट विद्यासागर सोनकर पूर्व में जौनपुर (मछलीशहर) से लोकसभा सांसद, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य और उपनेता तथा पार्टी के प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। अभी भी वह जहां रहते हैं वहाँ अच्छी-खासी जुटान हो जाती है।
गोपी कृष्ण पाण्डेय- वरिष्ठ संगठनकर्ता और पार्टी पदाधिकारी गोपी कृष्ण पाण्डेय लंबे समय से जमीनी स्तर पर संगठन का काम और अभियानों का संचालन संभाल रहे हैं। विशेषकर कानपुर क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले गोपीकृष्ण पांडेय को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर प्रदेश के प्रचारकों की पसंद बताया जा रहा है। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने इनका नाम भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को दिया था। जिसे प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने आगे बढ़ाया।
प्रियंका सिंह रावत- आईआरएस अधिकारी की पत्नी प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से 2014-17 में लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं। अपने ससुर को अपना सांसद प्रतिनिधि बना कर चंद दिनों में ही संगठन के निशाने पर आ गयी थीं। 2024 में इनका टिकट काट दिया गया था। प्रियंका सिंह रावत यूपी भाजपा का प्रमुख दलित महिला चेहरा बन चुकी हैं। प्रियंका रावत उत्तर प्रदेश भाजपा की वर्तमान टीम में उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले वह प्रदेश महामंत्री रह चुकी हैं।
राम प्रताप सिंह चौहान- पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान वर्ष 2017 से 2022 तक आगरा की एत्मादपुर सीट से विधायक रहे हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके पहले भी वह प्रदेश महामंत्री रहे हैं। विशुद्ध कार्यकर्ता रामप्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के विशेष आशीर्वाद से लैस होने के कारण राज्यसभा के प्रत्याशी बनने में कामयाब हुये हैं।
श्रुति गंगवार- परिवारवाद के जंग में पैनी हुई भाजपा अब स्वयं परिवारवाद की शिकार हो रही है। कार्यकर्ताओं की कीमत पर अब नेताओं के बेटे-बेटियों का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। बरेली की अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन और सामाजिक कार्यकर्ता श्रुति गंगवार आईआईटी पास आउट हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री हैं तथा बरेली-बहेड़ी क्षेत्र में सामाजिक व राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं।अभी तक वह चुनाव की तैयारी कर रही थीं लेकिन पार्टी ने उन्हें प्रमुख कुर्मी चेहरा के रूप में गढ़ने का निर्णय लेकर तराई के साथ-साथ भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में भाजपा की किलेबंदी को मजबूत किया है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)



