【अमेरिका ने कुछ किया तो मचेगी तबाही=रूस】

【अमेरिका ने कुछ किया तो मचेगी तबाही=रूस】

★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
[अमेरिका ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच रूस के कूदने से हालात हो रहे चिंताजनक,दुनियां इस मुद्दे पर बंट रही दो खेमों में]
{भारत ने युद्धपोत INS चेन्नै और गश्ती पोत INS सुनायना को ओमान की खाड़ी में किया तैनात}
(ईरान ने अमेरिका के शक्तिशाली ड्रोन को मार गिराने के बाद रूस ईरान के पक्ष में तो सऊदी अरब अमेरिका के साथ)

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♂÷अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच दुनिया के कई देश दो खेमों में बंटते दिख रहे हैं।अब अमेरिका और रूस आमने-सामने आ गए हैं,वहीं सऊदी अरब ने भी ईरान को निशाने पर लिया है।
अमेरिकी दबाव के खिलाफ खड़े हुए रूस ने कहा है कि अगर अमेरिका ने ऐसा कुछ भी किया तो तबाही मचेगी वहीं, सऊदी अरब ने अमेरिका का पक्ष लेते हुए कहा है कि ईरान ने खाड़ी में गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। यह परिस्थितियां अमेरिका के एक शक्तिशाली ड्रोन को मार गिराने के बाद पैदा हुई हैं।
दरअसल, ईरान ने कहा था कि उसने ड्रोन को इसलिए मारा क्योंकि वह उनकी सीमा में घुस रहा था,वहीं अमेरिका का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था, ड्रोन के गिराए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है।
रणनीतिक जानकार मान रहे हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अमेरिका को आगाह करना स्पष्ट संदेश है।दरअसल, रूसी राष्ट्रपति तेहरान के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर वॉशिंगटन किसी फोर्स के जरिये हिंसा को इस क्षेत्र में बढ़ावा देगा तो इसकी भरपाई कर पाना मुश्किल होगा. पुतिन ने यह बात एक फोन इन सेशन के दौरान कही।
भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में अपने दो युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।यह कदम भारत ने अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव और इस दौरान तेल टैंकरों पर हुए हमले के बाद एहतियातन उठाया है।
नेवी के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा ने बताया, हमने विध्वंसक INS चेन्नै और गश्ती पोत INS सुनयना को ओमान की खाड़ी में तैनात कर दिया है। भारत ने अपने इस प्लान को ऑपरेशन संकल्प नाम दिया है. नेवी ने यह कदम सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
नेवी ने अपने पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट पी-8आई को हवाई सर्विलांस के लिए भी तैनात किया है। कैप्टन शर्मा ने बताया, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (हिंद महासागर क्षेत्र) भी खाड़ी क्षेत्रों में जहाजों की आवाजाही पर करीबी नज़र रख रहा है. इसे नेवी ने दिसंबर, 2018 में गुरुग्राम के सेंट्रल हब में लॉन्च किया था।
अमेरिका और कई अन्य देशों ने पिछले दिनों दो ऑयल टैंकरों पर हुए हमलों का आरोप ईरान पर लगाया था। हालांकि, तेहरान ने ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. मामले पर अच्छे से विचार करने के बाद अब डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने 13 और 16 जून को सभी जहाजों को एडवाइजरी जारी कर बताया था कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाएं।
नेवी ने कहा है, भारतीय नौसेना क्षेत्र में मैरीटाइम ट्रेड और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वह हिंद महासागर के इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भी काम कर रही है।

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