★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{सुप्रीम कोर्ट की नोटिस लेकर पँजाब के रोपड़ पहुँची यूपी पुलिस को जेल प्रशासन ने बैरंग लौटाया कहा सुप्रीम कोर्ट में जवाब करेंगे दाख़िल}
[स्वर्गीय कृष्णानन्द राय की पत्नी व विधायक अलका राय ने कहा काँग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी बचा रही मुख्तार को]
(फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके रहनुमाओं को अब परेशानी हो रही है,उनमें छटपटाहट है कि उनके गुर्गों पर शासन का चल रहा बुलडोजर)
♂÷उत्तरप्रदेश पुलिस रेकॉर्ड में बाहुबली माफ़िया विधायक के रूप में दर्ज मुख़्तार अंसारी को लेकर यूपी की योगी सरकार और पंजाब में काँग्रेस की कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार में शह और मात का खेल जारी है।
आज रविवार को एक बार फ़िर पंजाब से मुख्तार अन्सारी को यूपी लाने के लिए गयी गाजीपुर को पँजाब से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा है।
उधर पँजाब पुलिस का कहना है कि मुख़्तार अंसारी की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उत्तरप्रदेश नही भेजा जा सकता,हम सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का जवाब दाख़िल कर देंगे।
उधर स्वर्गीय कृष्णानन्द राय की पत्नी व बीजेपी विधायक अलका राय ने काँग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह मुख्तार अंसारी को बचा रहीं हैं।
मालूम हो कि विधायक कृष्णानन्द राय समेत कई लोगों की दिनदहाड़े हत्या में माफ़ीया मुन्ना बजरंगी,मुख्तार अंसारी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
बता दें कि गाजीपुर पुलिस की टीम सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेकर पंजाब के रोपड़ जेल पहुंची थी।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने में पंजाब की काँग्रेस सरकार रोड़ा बन रही है।पंजाब पुलिस ने तर्क दिया कि मुख्तार अंसारी की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे उत्तर प्रदेश नहीं भेजा जा सकता है। मुख्तार अंसारी को 2019 में लोकसभा चुनाव के पहले यूपी की बांदा जेल से पंजाब की रोपड़ जेल भेज दिया गया था।तभी से वह वहां बंद है, उसके खिलाफ गाजीपुर में कई मामले चल रहे हैं।
दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार मामले को लेकर सुनवाई होनी है,उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की माफिया विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट में विचाराधीन मामले में पेश कराने की योजना पर पंजाब के रोपड़ जिले की पुलिस तथा रोपड़ जेल के अधीक्षक ने नोटिस लेने के बाद जवाब दाखिल करने की योजना बताकर गाजीपुर पुलिस को खाली हाथ भेज दिया।
पंजाब पुलिस ने तर्क दिया कि मुख्तार अंसारी की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे उत्तर प्रदेश नहीं भेजा जा सकता है।
बीमारी के कारण बीएसपी से विधायक मुख्तार अंसारी का लम्बी यात्रा करना संभव नहीं है। बता दें कि गाजीपुर पुलिस की टीम सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेकर पंजाब के रोपड़ जेल पहुंची थी। यूपी पुलिस ने रोपड़ जेल अधीक्षक को नोटिस रिसीव कराया, जहां के जेल अधीक्षक ने कोर्ट में जवाब दायर करने को कहा है, मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर पंजाब पुलिस ने मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपने से मना कर दिया।
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में कहा कि उत्तर प्रदेश में भय,आतंक फैलाने वालों की कोई जगह नहीं है, ये वहीं प्रदेश है जहां 2017 से पहले गुंडों, मफियाओं और अपराधियों का आतंक रहता था,लेकिन आज वहीं अपराधी, माफिया गले मे तख्ती लटका कर माफी मांग रहे हैं।उन पर हो रही कार्रवाइयों को लेकर उनके रहनुमाओं को अब परेशानी हो रही है।उन्हें बुरा लग रहा है, उनमें छटपटाहट हो रही है क्योंकि उनके गुर्गों पर शासन का बुलडोजर चल रहा है।
मुख्यमंत्री के इस संदेश से अब साफ हो गया है कि पंजाब सरकार चाहे कितना भी कोशिश कर ले लेकिन माफिया मुख़्तार को अब ज्यादा दिन संरक्षित नहीं रख पाएगी क्योंकि अब सुप्रीमकोर्ट में इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी हर तरीके से तैयार है।
विदित हो कि योगी सरकार में लखनऊ मऊ गाजीपुर में मुख़्तार अंसारी से सम्बंधित तमाम चल अचल सम्पत्ति को ज़ब्त करते हुए कइयों पर बुलडोजर चलवा ध्वस्त करवा दिया है।परिवार में विधायक बेटे व पत्नी समेत कई गुर्गों के हथियारों के तमाम लाइसेंस भी रद्द कर असलहे ज़ब्त कर लिए गए हैं।






















