★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
(राज्यपाल कुमारस्वामी को दे निर्देश बहुमत साबित करने के लिए=बीजेपी)
{10 बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि स्पीकर नही कर रहे संवैधानिक कर्तव्य का पालन}
[मुख्यमंत्री अल्पमत में है और विश्वास मत हासिल करने से कर रहे इनकार कहा बागी विधायकों ने याचिका में]
(बीएस येदियुरप्पा हमारे विधायकों को तोड़ने की कर रहे कोशिश,10 MLA से दिलवाया इस्तीफा=एचडी देवगौड़ा)

♂÷कर्नाटक में गत कई दिनों से सियासी तमाशा चल रहा है। कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर मंडरा रहे खतरे के बीच अब मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफे की बात शुरू हो गई है। अब तक कांग्रेस और जेडीएस के करीब 16 विधायक व मन्त्री इस्तीफा दे चुके हैं, जिसके बाद कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा तय है। वहीं मुंबई से एक बागी विधायक एसटी सोम शेखर बेंगलुरु लौट आए हैं।
कर्नाटक में जहां राज्य सरकार इस्तीफा दे चुके विधायकों को मनाने में जुटी है, वहीँ मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के इस्तीफे की अटकलों से जेडीएस पार्टी की परेशानी और बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक के 10 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई करेगा। वकील मुकुल रोहतगी के माध्यम से दायर याचिका में इन विधायकों ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन नहीं कर रहे हैं और जानबूझकर विधानसभा से उनके इस्तीफे की स्वीकृति में देरी कर रहे। इसी के साथ बागी विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री अल्पमत में हैं और विश्वास मत हासिल करने से इनकार कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने संविधान में प्रदत्त लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने असाधारण अधिकार को क्रियान्वित करने की मांग की।

यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी आज विधानसभा भंग करने की सिफारिश भी कर सकते हैं। इससे पहले कुमारस्वामी विधानसभा में अपनी कैबिनेट के साथ अहम बैठक भी कर सकते हैं। वहीँ विपक्षी पार्टी बीजेपी ने राज्यपाल वजुभाई वाला से आग्रह किया कि वह एचडी कुमारस्वामी सरकार को शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश दें।
जेडीएस प्रमुख देवेगौड़ा ने विधायकों के इस्तीफे के बारे में कहा कि जब से कुमारस्वामी ने कांग्रेस के समर्थन से सीएम पद संभाला है तभी से राज्य के बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। येदियुरप्पा 2009 से ऑपरेशन कमल चला रहे हैं। हालांकि भाजपा के पास बहुमत नहीं है, तब उन्होंने हमारे 10 विधायकों से इस्तीफा दिलवा दिया।






















