★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{एनसीपी प्रमुख पवार के पहल पर 15 विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग कर सकते हैं चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर}
[राष्ट्रमन्च के संस्थापक और टीएमसी नेता के तौर पर मौजूद रहेंगे यशवंत सिन्हा,2018 में राष्ट्रमन्च की स्थापना की थी सिन्हा ने]
♂÷राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख व सांसद शरद पवार मंगलवार को दिल्ली में विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। दिल्ली में मंगलवार शाम 4 बजे एनसीपी नेता के आवास पर होने वाली बैठक में शरद पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री व टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा के अलावा 15 विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हो सकते है।
बैठक से जुड़े एक नेता ने कहा कि शरद पवार राष्ट्रमंच को सुझाव देंगे। बता दे, मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 2018 में यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रमंच का गठन किया था। सिन्हा अब टीएमसी के उपाध्यक्ष हैं।
मालूम हो, शरद पवार पहली बार राष्ट्र मंच की बैठक में शिरकत करेंगे, ऐसे में राष्ट्र मंच के फैसले और गतिविधियां महत्वपूर्ण हो जाती हैं। राजनीतिक रूप से कुछ और पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मसलन, हाल ही में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी। 12 जून को हुई यह मुलाकात करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक के एक दिन बाद एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों के ‘महागठबंधन’ की जरूरत है।
नवाब मलिक ने आगे कहा था, ‘अगले आम चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों के महागठबंधन की जरुरत है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने भी बीजेपी का मुकाबला करने के लिए सभी दलों के राष्ट्रीय गठबंधन की बात कही है। हम ऐसे दलों को साथ लाने का प्रयास करेंगे। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को आंकड़ों और सूचनाओं की पूरी जानकारी है।’
हालांकि इस बैठक में पवार-प्रशांत के बीच राष्ट्रमंच पर बातचीत की कोई पुष्टि नही हुई हैं। दूसरा, राष्ट्रमंच की स्थापना करने वाले यशवंत सिन्हा अब टीएमसी के उपाध्यक्ष हैं और बंगाल में टीएमसी की जीत हुई जिसमें प्रशांत किशोर की भूमिका भी अहम रही है। पहले और दूसरे पहलू को एक साथ देखें तो पर्दे के पीछे कुछ होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र मंच पर ममता बनर्जी की मुहर पहले से है। पूर्व की बैठकों में टीएमसी से दिनेश त्रिवेदी हिस्सा लेते रहे हैं, लेकिन अब वे टीएमसी का दामन छोड़ चुके हैं और यशवंत सिन्हा अब टीएमसी में हैं। ऐसे में टीएमसी के प्रतिनिधि के तौर पर और राष्ट्रमंच के संस्थापक के तौर पर वो बैठक में मौजूद रहेंगे।
साल 2018 में यशवंत सिन्हा ने देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर चर्चा के लिये राष्ट्र मंच शुरू किया था। इसमें विपक्षी दलों के विभिन्न नेताओं के अलावा गैर राजनीतिक लोग भी हिस्सा लेते रहे हैं। राष्ट्र मंच का मकसद केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना है।
पूर्व में बतौर तृणमूल कांग्रेस सदस्य दिनेश त्रिवेदी, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी, सांसद माजिद मेमन, आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता और जेडीयू नेता पवन वर्मा राष्ट्र मंच की बैठक में शामिल हो चुके हैं।






















