★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने पटेल के नाम का रखा प्रस्ताव}
[भूपेंद्र पटेल ने कहा वह पीएम मोदी व आनन्दी बेन पटेल को धन्यवाद देते हैं और करेंगे प्रदेश का विकास]
♂÷गुजरात के नए मुख्यमंत्री के रूप में अब भूपेंद्र पटेल सरकार चलाएंगे,उनके नाम का प्रस्ताव निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने विधायक दल की बैठक में रखा जिसे सभी ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
दिलचस्प यह रहा कि होने वाले नये मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नाम की चर्चा तक नही थी वहीँ
गुजरात सीएम की रेस में सीआर पाटील, मनसुख मंडाविया, पुरुषोत्तम रुपाला, नितिन पटेल व कुछेक और लोंगो के नाम चर्चा में थे।
भूपेंद्र पटेल का नाम जब मुख्यमंत्री के रूप में घोषित हुआ तो वे मीटिंग रूप में अंतिम पंक्ति में किनारे की कुर्सी पर बैठे नजर आये.
गांधीनगर में भाजपा मुख्यालय श्री कमलम में विधायक दल की बैठक गहमागहमी के माहौल में हुई. नये मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा को लेकर चर्चा का दौर जारी रहा लेकिन केंद्रीय पर्यवेक्षण के रूप में कृषि मन्त्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जब भूपेंद्र पटेल का नाम घोषित किया, तो अचानक सब चौंक गये, क्योंकि मुख्यमंत्री की रेस में भूपेंद्र पटेल का नाम शामिल ही नहीं था.
भूपेंद्र पटेल का नाम जब घोषित हुआ तो वे मीटिंग रूप में अंतिम पंक्ति में किनारे की कुर्सी पर बैठे नजर आये. नाम घोषित होने पर भूपेंद्र पटेल ने अपना मास्क हटाया और विक्टरी साइन दिखाया. वे बहुत ही शांत नजर आ रहे थे. बाद में जब उन्होंने मीडिया को संबोधित किया तो उन्होंने पीएम मोदी और आनंदी बेन पटेल को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि मैं संगठन और प्रदेश के विकास के लिए काम करता रहूँगा।
भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने पर गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी है. वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी है. विजय रुपाणी ने कहा कि भूपेंद्र पटेल के नेृतत्व में भाजपा आगामी विधानसभा जीतेगी.
भाजपा विधायक दल की बैठक में विजय रुपाणी ने भूपेंद्र पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा. अन्य किसी उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया इसलिए विधायक दल ने सर्वसम्मति से भूपेंद्र पटेल को नेता चुना.
भूपेंद्र पटेल गुजरात के नये मुख्यमंत्री होंगे. विजय रुपाणी के इस्तीफे के बाद इस पद के दावेदारों में सात लोगों का नाम शामिल था. जिनमें सीआर पाटील, पुरुषोत्तम रुपाला, मनसुख मंडाविया एवं नितिन पटेल का नाम सबसे आगे चल रहा था.






















