【जकार्ता से 62 यात्रियों को लेकर उड़ा विमान लापता,पोंटीआनक के लिए भरी थी उड़ान】

【जकार्ता से 62 यात्रियों को लेकर उड़ा विमान लापता,पोंटीआनक के लिए भरी थी उड़ान】

★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{एयरलाइन कम्पनी श्रीविजया एयर की फ्लाइट सँख्या SJ-182 का कंट्रोल रूम से सम्पर्क टूटने के बाद हुआ विमान लापता}
[ये विमान बोइंग कम्पनी का B737-500 है, बोइंग कम्पनी के विमानों के साथ पहले भी हुए हैं कई हादसें]
♂÷जकार्ता में 62 यात्रियों को लेकर उड़ान भरने के बाद कंट्रोल रूम से सम्पर्क टूटने के बाद विमान लापता हो जाने की घटना से जकार्ता में हड़कंप मच गया तो वहीं यात्रियों के परिजनों में ग़म का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जो विमान लापता हुआ है।  उसकी निर्माता अमेरिका की बोइंग कम्पनी है। इस कम्पनी के  विमान पहले भी हादसे के शिकार होते रहे हैं।
जकार्ता से उड़ान भरने के बाद एक हवाई जहाज लापता  हो गया है। बताया जा रहा है कि श्रीविजया एयर की फ्लाइट संख्या एसजे-182 का शनिवार को कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। विमान में कुल 62 यात्री सवार हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ने पश्चिम कालीमंतन प्रांत में पोंटिआनक के लिए उड़ान भरी थी। यह बोइंग B737-500 विमान श्रीविजय एयर का था। उसके बारें में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
उसकी खोजबीन की जा रही है। इस मामले में इंडोनेनियाई एयरलाइन श्रीविजय एयर का बयान आया भी है।   एयरलाइन की तरफ से कहा गया है कि वह इस बारे में जानकारी जुटा रही है। जैसे ही उसे कुछ पुख्ता जानकारी मिलेगी वह अपना बयान जारी करेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जो विमान लापता हुआ है।  उसकी निर्माता अमेरिका की बोइंग कम्पनी है। इस कम्पनी के  विमान पहले भी हादसे के शिकार होते रहे हैं। बात साल 1978 की है।  उस वक्त एयर इंडिया का बोइंग 747 विमान पहली जनवरी को 213 यात्रियों को लेकर समु्द्र में डूब गया था।
उस विमान का नाम सम्राट अशोक था। उसने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और उसके कुछ देर बाद ही उसके हादसे के शिकार होने के सूचना आई थी।
उस वक्त हादसे का कारण किसी यांत्रिक खराबी को बताया गया था। इस विमान में चालक दल के 23 सदस्य और 190 यात्री सवार थे।
इससे पहले तीन जून 2019 को भारतीय वायु सेना का एएन-32 विमान पर लापता हो गया था।  बाद में इस विमान में सवार 13 सैन्यकर्मियों की मौत की खबर आई थी। एयर फ़ोर्स के इस विमान ने तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी लेकिन कुछ ही देर बाद संपर्क टूट गया था।
तीन जून से ही भारतीय वायु सेना इसकी खोज में लगी थी और आठ दिन बाद 11 जून को इसका मलबा अरुणाचल प्रदेश के सियांग ज़िले में मिला था। 11 जून को मलबा मिलने के बाद भारतीय वायु सेना ने कहा था कि 13 सवार लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन उसके अगले ही दिन भारतीय वायु सेना ने सभी की मौत की पुष्टि कर दी थी।

Mukesh Seth

Chief Editor

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