★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के द्वारा साझा किए गए टूल किट मामलें में दिशा रवि की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने उठाया अगला क़दम,दो और लोगो के खिलाफ वारन्ट जारी}
[हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा देश विरोध का बीज जहाँ कहीं भी हो उसका समूल नाश कर देना चाहिए]
(ट्विटर ने कहा मन्त्री के ट्वीट में ट्विटर के क़ायदे और जर्मन कानून के अनुसार कुछ भी गलत नही,की गई थी मन्त्री के ट्वीट की शिकायत)
♂÷दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोप लगाया कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने दो अन्य संदिग्धों निकिता जैकब और शांतनु के साथ मिलकर किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित ”टूलकिट” दस्तावेज बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया। पुलिस ने दावा किया था कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा ने टेलीग्राम ऐप के माध्यम से जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को ”टूलकिट” भेजी थी।

‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रेम नाथ ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि दिशा ने ”टूलकिट” फैलाने के लिए बनाए गए एक व्हाट्सएप समूह को हटा दिया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर ”टूलकिट” कथित तौर पर साझा करने के लिए जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। नाथ ने दावा किया कि निकिता और शांतनु ने ‘खालिस्तान समर्थक समूह’ पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएफजे) द्वारा ऑनलाइन जूम ऐप के माध्यम से आयोजित एक बैठक में भाग लिया और कहा कि जैकब भी ”टूलकिट” दस्तावेज बनाने वालों में से एक था।
उन्होंने कहा, ”दिशा, शांतनु और निकिता ने टूलकिट का निर्माण और संपादन किया। दिशा ने टेलीग्राम ऐप के जरिए ग्रेटा थनबर्ग को टूलकिट भेजी। दिशा ने उस व्हाट्सएप समूह को हटा दिया जो उसने टूलकिट को प्रचारित करने के लिए बनाया था। दिशा की गिरफ्तारी के दौरान विधिवत प्रक्रिया का पालन किया गया है।” यहां की एक अदालत ने रविवार को दिशा को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
उधर हरियाणा सरकार के गृहमंत्री अनिल विज ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए सोमवार को कहा कि देश विरोध का बीज जहाँ कही भी हो जिसके भी दिमाग़ में हो उसका समूल नाश कर देना चाहिए चाहे वह दिशा उधर गृहमंत्री विज के ट्विटर पर किये गए इस ट्वीट पर की गई शिकायत पर ट्विटर ने स्पष्ट किया कि हमने इस सामग्री की जाँच की और पाया कि ये ट्विटर नियम या जर्मन क़ानून के तहत हटाने योग्य नही है, इसलिए हमने कोई भी कार्रवाई नही की है।
मालूम हो कि स्वीडन निवासी पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भारत मे चल रहे किसान आंदोलन को लेकर समर्थन में ट्वीट किया था और एक टूल किट साझा की थी जिसकी जाँच दिल्ली पुलिस कर रही है।






















