★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{असम के मुख्यमंत्री ने कहा देश जिन समस्याओं का सामना कर रहा उनमें से ज्यादातर के लिए उसका जिम्मेदार है एक परिवार}
[मुख्यमंत्री ने कहा यदि पीएम मोदी वाराणसी से चुनाव हार जाते तो कोई भी बीजेपी की के बारे में बात करता]
♂÷असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को कहा कि दुनिया में कहीं भी रह रहे हिंदुओं को वहां समस्या होने पर भारत आने का अधिकार है। सरमा ने कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि देश जिन समस्याओं का सामना कर रहा है उनमें से ज्यादातर के लिए सिर्फ एक परिवार जिम्मेदार है।
उन्होंने एक टीवी चैनल के समिट में भाग लेते हुए कहा, ‘‘दुनिया में कहीं भी रह रहे प्रत्येक हिंदू को वहां समस्या होने पर भारत आने का अधिकार है।’’ सरमा ने कहा कि भारत हिंदुओं का है और यह उनका अपना प्राकृतिक घर है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सनातन का और हिंदू सभ्यता का देश है।’’
भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों के बीच एकजुटता बनाने की कोशिशों और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विपक्ष की एक संभावित नेता हो सकने के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि उनका मानना है कि जब एक नेता अपना चुनाव हार जाता है तो उसकी पार्टी भी चुनाव हार जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी के अपनी विधानसभा सीट हारने के बाद, मेरे अनुसार उनका राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो गया है।’’
उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव हार जाते तो कोई भी भाजपा की जीत के बारे में बात नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को और 20 साल प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की जरूरत है। सरमा ने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के लोग पहले की तुलना में अब शेष भारत के साथ कहीं अधिक सहज महसूस करते हैं।’’
इससे पहले असम में विधानसभा की पांच सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों ने सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें बीजेपी ने तीन जबकि उसकी सहयोगी यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के प्रत्याशियों ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने इस जीत के बाद कहा था कि पूर्वोत्तर के लोगों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भरोसा दिखाया है। राज्य की भवानीपुर, मरियानी, थोवरा, गोसाईगांव और तामुलपुर विधानसभा सीटों पर 30 अक्टूबर को मतदान हुआ था।






















