★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{जब देश मे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम पर काँग्रेस होती है खड़ी तब पूर्व अध्यक्ष राहुल चल पड़ते हैं विदेश की राह}
[काँग्रेस की इंडिया गेट पर जामिया छात्रों के कथित पुलिस उत्पीड़न के मुद्दे को लेकर राहुल की अनुपस्थिति में प्रियंका ने किया नेतृत्व]
♂÷भारत बचाओ रैली में आक्रामक अंदाज में महफ़िल लूटने वाले राहुल गांधी को आने वाले दिनों में एक बार फ़िर काँग्रेस की कमान सौंपने की चर्चा गर्म है तो वही एक बार फ़िर वह देश छोड़कर विदेश का रास्ता पकड़ लिए है।

हर बड़े मौकों पर जब राहुल गांधी को विपक्ष के मजबूत नेता के तौर पर अपने को साबित करने का कोई मौका नही चूकना चाहिए तब वह विदेश चले जाते हैं या फिर नेपथ्य में।जाहिर है नागरिकता संशोधन अधिनियम जैसे मुद्दे पर भी उन्होंने ऐसा ही किया है।
दिल्ली और देश के कई हिस्सों में CAA को लेकर तीव्र विरोध जारी है, लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे से भी दूर रहते हुए एक बार फ़िर विदेश दौरे पर चले गए हैं,कहा जा रहा है कि वह दक्षिण कोरिया गए हुए हैं।वायनाड सांसद राहुल गांधी की गैरमौजूदगी में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया कि “राहुल जी आधिकारिक दौरे पर दक्षिण कोरिया गए हैं।” सूत्र ने कहा कि राहुल सोमवार सुबह दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो गए हैं। सूत्र ने हालांकि इसका खुलासा नहीं किया वह कब तक लौटेंगे।

इस बीच प्रियंका गांधी ने अपने भाई की अनुपस्थिति में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इंडिया गेट के विरोध प्रदर्शन में उनके साथ अहमद पटेल, के. सी. वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी जैसे कई वरिष्ठ पार्टी नेता भी शामिल रहे।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा करीब दो घंटे तक दिए धरने के बावजूद कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
पूर्व काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पूर्व सहयोगी पंकज शंकर ने ट्विटर पर लिखा, “आशा है कि वह विदेश में नहीं हैं।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने पूछा, “राहुल गांधी कहां हैं?”
इससे पहले भी कई मौकों पर, जब भारत में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं तो राहुल गांधी गायब रहे हैं, जिसके बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ता है,कुछ मौकों पर बाद में यह सामने आया कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों के समय देश छोड़कर विदेश गए हुए थे।
राहुल गांधी के कार्यालय के कर्मचारियों ने पूछने पर जवाब दिया, “आप क्यों पूछ रहे हैं?” उन्होंने राहुल के ठिकाने के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया।
सीएए कानून बनने के तुरंत बाद राहुल गांधी ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई थी। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद से ही राष्ट्रीय राजधानी सहित देशभर के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है, कई जगहों पर यह प्रदर्शन हिंसक रूप भी ले चुका है।






















