★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{1.3 लाख करोड़ रुपए में 114 लड़ाकू विमान की डील पर है नजर,बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहे एयरो इंडिया में मंत्रालय की मंजूरी के बाद हो सकती है बड़ी डील}
[वायुसेना ने इस सम्बंध में RFI किया जारी,अमेरिका,फ़्रांस, रूस और स्वीडन समेत कई बड़े निर्माताओं ने एयर इंडिया के लेटर का दिया है जवाब]
(सेना बड़ी संख्या में 4.5 प्लस जनरेशन के लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण के लिए तैयार होगी,ये विमान रॉफेल की काबिलियत की करेंगे बराबरी)
♂÷दुनियां की ताकतवर सेना में शुमार भारतीय सेना को और मारक व खतरनाक बनाने के अभियान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले ही कार्यकाल से जुटे हुए हैं।अब उन्होंने भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाने के।लिए बड़े कदम उठाने की योजना को मंजूरी दे दी है।जिससे इंडियन एयर फ़ोर्स की ताक़त में कई गुना इज़ाफ़ा हो जाएगा।
पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने 83 LCA तेजस मार्क 1A विमानों की डील को मंजूरी दे दी है। 50 हजार करोड़ रुपए की यह डील बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहे एयरो इंडिया में साइन की जाएगी।
मंत्रालय की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद सेना बड़ी संख्या में 4.5 प्लस जनरेशन के लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण के लिए तैयार हो जाएगी। भारतीय वायुसेना लगातार अपनी ताकत में इजाफा करने में जुटी हुई है। हाल ही में 83 LCA तेजस मार्क 1A एयरक्राफ्ट को मंजूरी मिलने का बाद लेना 114 लड़ाकू विमानों की डील पर ध्यान लगा रही है। यह डील 1.3 लाख करोड़ रुपए की होगी। वायुसेना ने इसके संबंध में जानकारी के लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफर्मेशन (RFI) जारी कर दिया है। वहीं, अमेरिकी, फ्रांस, रूस और स्वीडन समेत कई बड़े निर्माताओं ने इस पत्र का जवाब दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने 83 LCA तेजस मार्क 1A विमानों की डील को मंजूरी दी है। 50 हजार करोड़ रुपए की यह डील बेंगलुरु में आयोजित होने जा रहे एयरो इंडिया में साइन की जाएगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया ’83 LCA तेजस, MiG-21 लड़ाकू विमानों के 4 स्क्वाड्रन की जगह लेंगे,इन विमानों को भविष्य में हटाए जाने की तैयारी थी।’ उन्होंने बताया कि अब ध्यान 114 लड़ाकू विमानों की खरीद पर होगा।
RIF जारी करने के बाद भारतीय वायुसेना जल्द ही रक्षा मंत्रालय के सामने एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी यानि AoN पाने के लिए प्रस्ताव रखेगी। मंत्रालय की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद सेना बड़ी संख्या में 4.5 प्लस जनरेशन के लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण के लिए तैयार हो जाएगी,ये विमान राफेल की काबिलियत की बराबरी करेंगे।
बीते साल से राफेल के सेना में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हाल ही में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने राफेल को 114 लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण वाले प्रोजेक्ट में सबसे मजबूत दावेदार बताया था।
सूत्र बताते हैं कि प्रोजेक्ट में चयन के दौरान विमानों की क्षमता और कीमत पर गौर किया जाएगा। वहीं, भारतीय वायुसेना भी अपने मापदंड विकसित करने में लगी हुई है, जिसके तहत लड़ाकू विमानों को चुना जाएगा,इनमें सिंगल और डबल इंजन दोनों प्रकार के विमान शामिल होंगे। खास बात है कि जो भी विमान चुना जाएगा, वो वायुसेना में अगले करीब 4 दशकों तक रहेगा, इसके साथ ही 114 विमानों को भारत में ही बनाया जाएगा। विदेशी कंपनियां आत्मनिर्भर भारत स्कीम के तहत तकनीक साझा करेंगी।






















