★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
[विनीत गोयनका की याचिका पर फेंक न्यूज़,हेट न्यूज़ व राजद्रोह वाले पोस्ट के लिए मैकेनिज्म बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार व ट्विटर को भेजा नोटिस]
{याचिका में कहा गया फ़र्जी ट्विटर हैंडल व फेसबुक अकाउंट से संवैधानिक अधिकारियों और मशहूर हस्तियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर जातिवाद व हिंसा भड़काने में किया जाता है}
(विशेषज्ञ मानते हैं कि 35 लाख ट्विटर हैंडल व 3.5 करोड़ फेसबुक पेज़ नकली,बोगस फ़र्जी है तो वहीं क़ानून मन्त्री रविशंकर ने भी ट्विटर को दी है सख़्त कार्रवाई की चेतावनी)
♂÷विनीत गोयनका द्वारा दायर की गई एक याचिका में की गयी मांग पर हेट न्यूज,फेंक न्यूज़ और राजद्रोह वाले पोस्ट के लिए मैकेनिज्म बनाए जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने ट्विटर और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
मामले को एक अन्य याचिका के साथ जोड़ा गया है। दरअसल, ट्विटर पर निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट में मई वर्ष 2020 में एक याचिका दायर की गई थी।जनहित याचिका में टि्वटर कंटेंट को चेक करने के लिए मैकेनिज्म बनाए जाने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि बोगस अकाउंट से फर्जी खबरें और भड़काऊ संदेश के जरिये समाज में नफरत फैलाई जा रही है।ये याचिका भाजपा नेता विनीत गोयनका ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि मशहूर लोगों और गणमान्य व्यक्तियों के नाम पर सैकड़ों फर्जी ट्विटर हैंडल और बोगस फेसबुक अकाउंट हैं। याचिका में ये भी कहा गया है कि इन फर्जी ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट में संवैधानिक अधिकारियों और मशहूर नागरिकों की वास्तविक तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता है,यही कारण है कि आम आदमी ऐसे ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट से जारी संदेशों पर विश्वास कर लेते हैं।
फर्जी अकाउंट जातिवाद और हिंसा भड़काने में इस्तेमाल किए जाते हैं जो देश की एकता के लिए खतरा पैदा करते हैं।फेक न्यूज के जरिये देश में नफरत फैलाई जा रही है। फर्जी एकाउंट के जरिये नेगेटिव खबरें भी प्रसारित की जा रही हैं, जिसे चेक करने के लिए मैकेनिज्म की जरूरत है।
दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि ट्विटर, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकॉउंट होल्डर्स का KYC किये जाने की जरूरत है, जिससे सोशल मीडिया पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों की आसानी से पहचान की जा सके।
याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में करीब 3.5 करोड़ ट्विटर हैंडल हैं, फेसबुक अकाउंट की संख्या 35 करोड़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनमें से करीब 10 फीसदी (35 लाख) ट्विटर हैंडल और 10 फीसदी फेसबुक अकाउंट (3.5 करोड़) नकली-बोगस-फर्जी हैं।
उधर 26 जनवरी को दिल्ली में हुए अराजकता के दौरान भी सोशल मीडिया ख़ासकर ट्विटर की भी भूमिका की पड़ताल केंद्र सरकार कर रही है, आज कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर को सख़्त चेतावनी देते हुए कहा की अमेरिका में कैपिटल हिल हिंसा मामलें में ट्विटर ने अलग तरीके से कार्रवाई की है और भारत मे गणतंत्र दिवस के दिन हुए हिंसा मामलें में अलग क़दम उठा रही है।उन्होंने कहा कि ये दोहरा मापदंड नही चलेगा केंद्र सरकार क़ानूनी तौर पर कठोर कार्रवाई करेंगी।
मालूम हो कि लालक़िले पर दूसरा झंडा फ़हराने से लेकर उसके पहले तक खालिस्तान के समर्थन व किसान आंदोलन को भी लेकर देश विदेश से भारी सँख्या में चल रहे ट्विटर हैण्डलो से देशविरोधी ट्वीट कर हिंसा भड़काने में योगदान दिया था।






















