★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{जौनपुर के बख्शा थाना क्षेत्र के नट बस्ती सम्बलपुर व बाबूपुर में दो शादियों को पुलिस के सहयोग से रोका गया}
♂÷आज सोमवार को बाल कल्याण समिति जौनपुर के सदस्य आनंद प्रेमघन सरोज को अज्ञात व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई कि थाना बक्सा के ग्राम संबलपुर नट बस्ती व ग्राम बाबूपुर नट बस्ती में बाल विवाह का आयोजन किया जा रहा है इसे रुकवाने का कष्ट करें। इस सूचना पर बाल कल्याण समिति के सदस्य आनंद प्रेमघन सरोज द्वारा जिला प्रोवेशन अधिकारी एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी संतोष कुमार सोनी को उक्त सूचना जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा चंदन राय बाल संरक्षण अधिकारी को दोनों प्रकरणों में मौके पर जाकर जांच करने एवं कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।
चंदन राय बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा सर्वप्रथम बक्सा थाना अध्यक्ष वशिष्ट यादव व चाइल्डलाइन की टीम को सूचना दी एवं बक्सा थानाअध्यक्ष वशिष्ठ यादव क्षेत्र के बीट सिपाही विनोद सिंह तथा रविकांत यादव, चाइल्ड लाइन टीम से रजिया सुल्तान वन स्टॉप सेंटर जौनपुर से कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील कुमार यादव के साथ सर्वप्रथम ग्राम शंगुलु पूर नट बस्ती विकासखंड सिकरारा थाना बक्सा में मौके पर पहुंचे। जहां बालिका मून उम्र 17 साल पुत्री स्वर्गीय सद्दीक माता मदीना की शादी लड़का साहबान उम्र 17 वर्ष पुत्र स्वर्गीय शुद्ध ग्राम प्रेम राज पुर थाना गौराबादशाहपुर के साथ शादी संपन्न होने जा रही थी। सर्वप्रथम वहां पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों को एक साथ बिठाया गया एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2005 के बारे में जानकारी दी गई ।इसमें शादी हेतु बालिका की उम्र 18 वर्ष एवं बालक की उम्र 21 वर्ष होने की बात कही गई और बाल विवाह के नुकसान भी बताए गए और दोनों पक्षों से कहा गया कि आप लोग तय करें कि यह शादी होनी चाहिए या नहीं ।दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि अभी लड़का और लड़की इस कानून के हिसाब से दोनों नाबालिक हैं अतः हम लोग शादी बालिग होने पर करेंगे और बारात वापस प्रेम राजपुर लौट गई। तत्पश्चात दूसरी शिकायत ग्राम बाबूपुर विकासखंड सिकरारा थाना बक्सा नोट बस्ती में पहुंचा गया जहां पर बालिका रेशमा उम्र 17 साल पुत्री स्वर्गीय मुनव्व र माता अफरोज की शादी अनीश पुत्र बच्चा ग्राम मोटू का थाना कपसेठी जनपद वाराणसी के साथ आयोजित होने हेतु बारात पहुंच चुकी थी दोनों पक्षों को एक साथ बुलाया गया और बैठा कर उन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी गई एवं उनसे यह भी कहा गया की लड़की 18 साल या इससे ऊपर की है इसका और लड़का 21 वर्ष के ऊपर का है इसका साक्ष्य स्वरूप कोई दस्तावेज दिखाया जाए जिस पर लड़के द्वारा अपने हाईस्कूल का प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड दिखाया गया जिसमें लड़के अनीश की उम्र 12 मई 2001 दर्शाई गई थी लड़के लड़के के पिता बच्चा ने कहा कि आप लोगों द्वारा बताए गए कानून के अनुसार अभी हमारा बच्चा शादी हेतु बालिग नहीं है हम लोग बालिग होने पर शादी करेंगे आपसे अनुरोध है कि मामले को समाप्त किया जाए और हम बारात लेकर वापस जा रहे हैं और उन्होंने लड़की पक्ष को लिखित रूप में दिया की बालिका रेशमा जब बालिग हो जाएगी तो उसी के साथ ही विवाह करूंगा।
गांव वालों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में 9 जानकारी होने की भी बात की गई। जिस पर बाल संरक्षण अधिकारी चंदन दास द्वारा सभी को विस्तार से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2005 के बारे में एवं बाल विवाह से होने वाले समाज और लड़के लड़की को नुकसान के बारे में भी सभी को जानकारी दी गई,सभी ग्रामीणों ने कहा कि निश्चित रूप से हम सबको मिलकर बाल विवाह रोकना चाहिए।






















