★मुकेश शर्मा★
★भोपाल★
{एमपी के मुरैना ज़िले में चल रहे पार्वती नर्सिंग होम पर ऑपरेशन के नाम पर चल रही लूट,हो रही मरीजों के जान माल की क्षति,रसूखदार परिवार से सम्बंधित नर्सिंग होम पर कार्रवाई से कतरा रहे अधिकारी}
[गणेशपुरी निवासी फखरुद्दीन उक्त नर्सिंग होम में बिना जरूरत बीवी के बच्चेदानी का कर डाला ऑपरेशन,जहाँ गाँठ थी उसका इलाज़ ही नही किया,गलत ऑपरेशन करने के चलते भेजी गई नोटिस]
(मुरैना ज़िले में दो दर्ज़न नर्सिंग होम में से अधिकतर में चल रहा मरीजों से लूट का धन्धा, शासन, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग जानते हुए भी आँखों पर बांध रखी है पट्टी)
[मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरसी बांदिल कहते हैं कि मुझे मामले की जानकारी नही है तो वहीं पार्वती नर्सिंग होम संचालक डॉ राकेश माहेश्वरी ने फ़ोन ही नही उठाया]
♂÷मध्यप्रदेश के मुरैना,जिले में करीब तीन दर्जन नर्सिंग होम में से लगभग दो दर्जन स्थानों पर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के साथ ऑपरेशन के के नाम पर लूट की जा रही है । दुनिया में दो प्रकार के लोगों को भगवान का दर्जा दिया गया है । न्यायाधीश और डॉक्टर । लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो उसका क्या करें । शहर की प्रतिष्ठित नर्सिंग होम मरीजों की जान से खिलवाड़ करने पर तुले हुए हैं । यहां बिना जरुरत के मरीजों का ऑपरेशन कर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और इलाज़ के नाम पर जमकर पैसे की लूट की जा रही है।
शहर के जेल रोड स्थित डॉ राकेश माहेश्वरी एवम् सुधा माहेश्वरी द्वारा संचालित पार्वती नर्सिंग होम में हुए ऑपरेशन का ऐसा ही एक मामला सामने आया है । गणेशपुरा निवासी फरियादी फखरुद्दीन ने जानकारी देते हुए बताया कि उसने अपनी पत्नी को इलाज के लिए पार्वती नर्सिंग होम में भर्ती किया लेकिन यहां भगवान का दर्जा माने जाने वाले डॉक्टरों ने घोर लापरवाही को अंजाम देते हुए बिना जरूरत के ओवरी (बच्चें दानी ) का ऑपरेशन कर डाला जबकि जिस ओवरी में गाँठ थी उसका इलाज नहीं किया । करीब 2 माह बाद फरियादी ने जांच कराई तो पता चला कि ऑपरेशन गलत कर दिया गया है। दोबारा जांच कराने का कारण यह रहा कि जिस इलाज के लिए मरीज को भर्ती किया गया था वहां पर उस मरीज को फिर से दर्द शुरू हो गया । दोबारा जांच के बाद पता चला कि पार्वती नर्सिंग होम के स्टाफ ने गलत ऑपरेशन कर दिया है । उसके बाद फरियादी फखरुद्दीन को जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट एवं ऑपरेशन के दस्तावेज भी नहीं दिए गए जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुरैना में संचालित नर्सिंग होम चलाने वाले जिम्मेदार डॉक्टर मरीजों की जान के प्रति कितने गंभीर हैं ?
मजबूरन फरियादी फखरुद्दीन ने अपने वकील के माध्यम से डॉ महेश्वरी को नोटिस भिजवा दिया है । अब देखना यह है कि धनबल और बाहुबल में संपन्न डॉ सुधा राकेश माहेश्वरी मरीज पर किस हद तक दबाव बनाते हैं।
फरियादी फकरुद्दीन द्वारा दी गई जानकारी एवम् दस्तावेजों के मुताबिक फरियादी फखरुद्दीन अपनी पत्नी को जांच कराने हेतु 12 अक्टूबर 2020 को पार्वती नर्सिंग होम ले गए जहां जांच उपरांत एवं अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डॉक्टर साहिबा ने ऑपरेशन के लिए बोल दिया,उसके बाद फखरुद्दीन दिनांक 16 अक्टूबर 2020 को अपनी पत्नी को लेकर दूसरे नर्सिंग होम पहुंचे । वहां भी जांच पड़ताल के बाद ऑपरेशन के लिए बोल दिया गया । ऑपरेशन के नाम पर मांगी गई रकम में अंतर होने के चलते फखरुद्दीन ने पार्वती नर्सिंग होम पर दिनांक 27 अक्टूबर 2020 को अपनी पत्नी को भर्ती कर दिया जहां करीब 18000/-₹ रकम जमा कराने के बाद उसी दिन फरियादी फखरुद्दीन की पत्नी का ऑपरेशन कर दिया गया और दिनांक 30 अक्टूबर 2020 को दवाइयों का लंबा चौड़ा पर्चा थमा कर नर्सिंग होम से छुट्टी कर दी गयी। चूंकि फखरुद्दीन पर ₹2000 कम थे उस रकम को लेने के लिए सुबह से लेकर शाम तक मरीज को नर्सिंग होम में ही बंधक बनाकर रखा गया । जब फखरुद्दीन ने ₹2000 लाकर काउंटर पर जमा कराए तब जाकर शाम को मरीज की छुट्टी की गई । मरीज को दी गई गोली दवाइयों से दर्द कम हो चुका था लेकिन करीब डेढ़ माह बाद मरीज को फिर से दर्द शुरू हुआ जिस कारण फखरुद्दीन ने दोबारा अपनी पत्नी की जांच कराई जिसमें पहली जांच की तरह यथास्थिति थी।फर्क सिर्फ यह था की मरीज की एक ओवरी ( बच्चा दानी ) गायब थी । दिनांक 7 जनवरी 2021 को फखरुद्दीन अपनी पत्नी का दोबारा अल्ट्रासाउंड करा कर मुरैना एवं ग्वालियर के डॉक्टरों से सलाह ली तो सभी डॉक्टर रिपोर्ट को देखकर सन्न रह गए । ग्वालियर के डॉक्टरों ने फखरुद्दीन से ऑपरेशन के पूरे दस्तावेज लाने को कहा जब फकरुद्दीन ने पार्वती नर्सिंग होम जाकर जांच एवं ऑपरेशन के पूरे दस्तावेज मांगे तो वहां के स्टॉफ ने फखरुद्दीन से बदतमीजी करते हुए उसे वहां से भगा दिया । मजबूरन गरीब फखरुद्दीन को वकील का सहारा लेना पड़ा इस पर ग्वालियर हाईकोर्ट के एडवोकेट मनोज उपाध्याय ने डॉ महेश्वरी को लीगल नोटिस भेजकर 72 घंटे में जांच रिपोर्ट एवं ऑपरेशन के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए लिखा है, जिससे पूरी वस्तुस्थिति साफ पता चल सके तभी आगे की कार्यवाही सम्भव हो सकेगी । नोटिस के करीब एक सप्ताह बाद फरियादी को फाइल दी गई है। अब क्या गारंटी है कि मरीज की फाइल में हेराफेरी नहीं की गई होगी। सवाल यह है कि मुरैना में ऐसे दो दर्जनभर नर्सिंग होम हैं जहां भ्रूण हत्या एवं ऑपरेशन के नाम पर पैसे की लूट जैसे अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है लेकिन जिला चिकित्सालय में बैठे मुख्य जिला चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी नर्सिंग होम पर मेहरबान क्यों है ये लाख टके का सवाल लोगों के ज़ेहन में चल रहा है।
कुछ रोज पूर्व मुरैना कलेक्टर बी कार्थिकेयन ने समीक्षा बैठक के दौरान मुरैना जिला चिकित्सालय में प्रसूता महिलाओं के पंजीयन की रिपोर्ट तलब की जिसमें पाया गया कि करीब ढाई हजार रजिस्ट्रेशन हुए लेकिन मात्र 2 हजार बच्चे हुए तो सवाल ये है कि आखिर 5 सौ बच्चे कहां गए ? या उन महिलाओं का गर्भपात किया गया यदि उन महिलाओं का गर्भपात किया गया तो इस कृत्य को करने वाले नर्सिंग होम और उनके संचालक कौन है। इस मामले मै डॉ राकेश माहेश्वरी को दो दिन में चार बार कॉल किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया न ही उन्होंने कॉल बैक किया जिससे उनका पक्ष नही जाना जा सका है।
पहले भी हो चुका है ऐसा मामला ।
डिलीवरी के दो घंटे बाद प्रसूता को किया था ग्वालियर रैफर, वहां डॉक्टर बोले- यह पहले ही मर चुकी है ।
करीब 2 वर्ष पहले भी पार्वती नर्सिंग होम पर एक मामले में आरोप लगे थे जब प्रसूता पूजा के ऑपरेशन के दो घंटे बाद तक डॉक्टर यही कहते रहे कि वह ठीक है। अभी ऑपरेशन थियेटर में है। जब कि गलत ऑपरेशन की वजह से पूजा की मृत्यु हो चुकी थी । इसके बाद एकाएक उसे ग्वालियर रैफर कर दिया। जबकि पूजा की मौत तो “पार्वती नर्सिंग होम”में ही हो गई थी। इसी वजह से डॉक्टर ने परिजनों को बिना बताए खुद ही एंबुलेंस बुला ली और मरीज पूजा को परिजनों सहित ग्वालियर भेज दिया। पूजा के देवर विष्णु ने बताया था कि एंबुलेंस वाला व स्टाफ हमें ग्वालियर छोड़कर भाग आया। न एंबुलेंस वाले ने हमसे रुपए लिए न डॉक्टर ने ऑपरेशन की शेष राशि 12 हजार जमा कराए।
ग्वालियर में जब डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया तो मृतका पूजा के परिजन रात में ही “पार्वती नर्सिंग होम” लेकर आए, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। नर्सिंग होम पर ताला लगा हुआ था। परिजन एकत्रित होकर सिटी कोतवाली पहुंंचे । काफी शोर शराबा और भीड़ इकट्ठी होने के बाद पुलिस कोतवाली थाना प्रभारी अतुल सिंह ने मर्ग कायम किया। मामला, असरदार रसूखदार डाक्टर राकेश माहेश्वरी जिनके रिश्तेदार ऊंचे ओहदे पर आसीन हैं तो कुछ न्याय व्यवस्था के सिंहासन पर विराजमान हैं, से जुड़ा होने की वजह से पुलिस भी मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रहे थे ।
घटना के संबंध में पार्वती नर्सिंग होम के संचालक डॉ. राकेश माहेश्वरी के मोबाइल पर कॉल किए लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ जाता रहा।
पार्वती नर्सिंग होम में प्रसूता पूजा की मौत के मामले में परिजन की शिकायत पर काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया गया था। साथ ही शव का पोस्टमार्टम डॉक्टर्स के पैनल से कराया गया था उस वक्त सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अतुल सिंह थे जिन्होंने मामला दर्ज किया था ।
इस बाबत उच्चन्यायालय ग्वालियर के अधिवक्ता मनोज उपाध्याय ने कहा कि,जब ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं थी तो फिर ऑपरेशन किस चीज का कर दिया क्योंकि 12 तारीख को कराई गई जांच रिपोर्ट में सारी चीजें नॉर्मल है और जाहिर है के गोली दवाइयों से ही मरीज का इलाज संभव था उसके बावजूद उन्होंने ऑपरेशन कर दिया इसके अलावा मरीज को ऑपरेशन के फाइल क्यों नहीं दी गई इसके लिए हमने 72 घंटे में पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए लीगल नोटिस भेज दिया है अगर दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते हैं तो आगे की कार्यवाही की जाएगी दस्तावेज देखकर ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा । अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकते ।
पार्वती नर्सिंग होम के इंचार्ज मनोज तिवारी ने पूछने पर कहा कि जी हां फकरुद्दीन की पत्नी का ऑपरेशन हमारे पार्वती नर्सिंग होम में ही हुआ था । हम केवल ट्रीटमेंट देते है, ऑपरेशन करते है और मरीज की छुट्टी होने पर डिस्चार्ज कार्ड देते है । मरीज के ट्रीटमेंट की फाइल हमारे पास ही रहती है । उसे फाइल नहीं दी जाती है । बाकी आप डॉ साहेब से बात कर लेना ।
ज़िले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुगम व सबकी पहुँच में बनाने की जिम्मेदारी सरकार ने जिनको दी है उनका इस प्रकरण में जवाब स्तब्ध करने वाला रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुरैना डॉ आरसी बांदिल ने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है । अभी में मीटिंग में हूं, बाद में बात करूंगा ।






















