★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कई दिनों से चल रहे कयास को सच साबित करते हुए सेना ने म्यामांर पर लगाया एक वर्ष का आपातकाल,उपराष्ट्रपति व पूर्व जनरल मिंट स्वे को बनाया गया कार्यकारी राष्ट्रपति के साथ ही सेना प्रमुख}
[भारत ने कहा म्यांमार में लोकतांत्रिक परिवर्तन की प्रक्रिया में भारत ने हमेशा अपना समर्थन दिया है हम हर स्थिति पर बारीकी से रख रहे नज़र तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को NSA ने दी जानकारी]
(व्हाइट हॉउस की प्रवक्ता जेन पास्की ने कहा हम म्यांमार की लोकतांत्रिक ताकतों को समर्थन देते रहेंगे और सेना से अपील करेंगे कि सभी हिरासत में लिए गए लोंगो को किया जाए रिहा)
♂÷भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में वहाँ की सेना ने लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार का सैन्य तख्तापलट कर “आंग सांग सू की”को गिरफ्तार किया कर लिया है और इसके साथ ही एक साल के लिए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया गया है।
खबरों के मुताबिक बौद्ध धर्म बाहुल्य म्यांमार में सेना ने देश की नेता आंग सांग सू की और राष्ट्रपति यू विन म्यिंट को गिरफ्तार कर लिया है और इसके बाद पूरे देश में एक साल के लिए इमर्जेंसी लगा दी गई है।

सत्तारूढ़ पार्टी NLD के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है, जिसके बाद स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने पूरे देश में एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया है और पूर्व जनरल तथा उपराष्ट्रपति मिंट स्वे को कार्यकारी राष्ट्रपति बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें सेना प्रमुख का भी दर्जा दिया गया है। सड़कों पर सेना तैनात की गई है और फोन लाइनों को बंद कर दिया गया है।
इससे पहले एनएलडी के प्रवक्ता मयो न्यूंट ने कहा कि राष्ट्रपति आंग सांग सू की और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को सेना ने सोमवार अल सुबह छापेमारी की कार्रवाई के बाद हिरासत में ले लिया है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह राष्ट्रपति आंग सांग सू की और अन्य नेताओं को ‘उठाया’गया और गिरफ्तार कर लिया गया है।
भारत ने म्यांमार की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि म्यांमार में लोकतांत्रिक परिवर्तन की प्रक्रिया में भारत ने हमेशा अपना समर्थन दिया है।ऐसे में हमारा मानना है कि कानून का शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को हर हाल में बरकरार रखना चाहिए, हम हर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को म्यांमार की सैन्य तख्तापलट की घटना जानकारी उनके प्रशासन ने दी है।जिसपर अमेरिका ने म्यांमार को चेताया और म्यांमार की सेना के ऐक्शन पर गहरी चिंता जताई है।

राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पास्की ने कहा कि अमेरिका उन रिपोर्टों से चिंतित है कि म्यांमार की सेना ने देश के लोकतांत्रिक बदलाव को खोखला कर दिया है और आंग सांग सू की को अरेस्ट कर लिया है।राष्ट्रपति जो बाइडेन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इसकी जानकारी दी है।
जेन पास्की ने कहा कि हम म्यांमार की लोकतांत्रिक ताकतों को समर्थन देते रहेंगे और सेना से अपील करेंगे कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए।
अमेरिका चुनाव परिणाम को बदलने या लोकतांत्रिक बदलाव में बाधा डालने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज उठाए गए कदमों को वापस नहीं लिया गया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। जेन ने कहा कि अमेरिका म्यांमार के लोगों के साथ खड़ा है और पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इससे पहले म्यांमार में तख्तापलट की साजिश रचे जाने की खबरों के बीच देश की सेना ने रविवार को दावा किया था कि वह संविधान की रक्षा और पालन करेगी और कानून के मुताबिक ही काम करेगी,इस बयान के साथ सेना ने सैन्य तख्तापलट की आशंका को खारिज किया था। म्यांमार में 1962 में तख्तापलट किया गया था जिसके बाद 49 साल तक सेना का शासन रहा।






















