★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने लाशों के संक्रमित होने की आशंका जाहिर कर कहा ऐसी कई लाशें देखी गयी है, नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है}
[राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में चुनाव बाद कथित तौर पर उपजी हिंसा खतरनाक व परेशान करने वाली है]
(राज्यपाल ने एक हफ़्ते के लिए उत्तर बंगाल की यात्रा शुरू की है, उन्होंने कहा इस प्रकार की हिंसा ने लोकतांत्रिक ढाँचे पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है)
♂÷गंगा नदी में बहती लाशों पर राजनीति ठंडी होती नहीं दिख रही है।
अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश से लाशें बहकर उनके राज्य में पहुंच रही हैं. सीएम ममता ने इन लाशों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका जाहिर की है. उन्होंने कहा है-ऐसी कई लाशें देखी गई हैं. नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है. हम नदियों से लाशें निकलवाकर उनका अंतिम संस्कार करवा रहे हैं.
माना जा रहा है कि ममता बनर्जी के इस बयान के साथ कोरोना की दूसरी लहर में उत्तर प्रदेश में गंगा नदी में तैरती लाशों का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ सकता है. मई महीने में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर तीसरी बार काबिज होने वाली ममता बनर्जी का केंद्र सरकार के साथ लगतार टकराव जारी है.
उधर सोमवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ कहा है कि राज्य में चुनाव के बाद कथित तौर पर हुई हिंसा से उपजी स्थिति खतरनाक और परेशान करने वाली है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ममता बनर्जी ने शुतुरमुर्गी रवैया अपनाया है. धनखड़ ने उत्तर बंगाल की एक सप्ताह की यात्रा की शुरुआत की है और इस दौरान उन्होंने हिंसा के शिकार हुए लोगों के साथ राज्य सरकार के बर्ताव की आलोचना की.
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में दो मई के बाद हुई हिंसा के बारे में मुझे चिंता है. यह स्वीकार्य नहीं है. राज्य में स्थिति खतरनाक और परेशान करने वाली है. इस प्रकार की हिंसा ने लोकतांत्रिक ढांचे पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है.’ राज्यपाल ने कहा, ‘इतने हफ्ते गुजर जाने के बाद भी, राज्य सरकार इसे नकार रही है. मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर शांत क्यों हैं? राज्य प्रशासन का शुतुरमुर्गी रवैया स्वीकार्य नहीं है.’






















