★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{शिवसेना के नेता राउत ने कहा प्रिय देवेंद्र जी, आप 22 मार्च 2017 को उसी विधानसभा में काँग्रेस-एनसीपी के 19 विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित करना कैसे भूल सकते हैं}
[ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर सदन में बोलने के दौरान हुआ था हंगामा, जिस पर एक वर्ष के लिए बीजेपी के 12 विधायक किये गए हैं निलंबित]
♂÷शिवसेना व बीजेपी की राजनीतिक रार महाराष्ट्र में जारी है बीजेपी व देवेंद्र फडणवीस के कल किये गए प्रदर्शन व बयानबाजी पर आज राज्यसभा सांसद, और शिवसेना नेता संजय राउत ने जमकर पलटवार किया।उन्होंने भाजपा विधायकों के निलंबन को लेकर ट्वीट कर कहा है कि ‘भाजपा 12 विधायकों को अभद्र व्यवहार के लिए निलंबित करने का विरोध कर रही है. प्रिय देवेंद्र जी, आप 22 मार्च, 2017 को उसी विधानसभा में 19 विधायकों (कांग्रेस और राकांपा) को अनियंत्रित आचरण के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित करना कैसे भूल सकते हैं. बहादुर बनो और कहो कि आपका 19 का स्कोर 12 से अधिक है.’
दरअसल, भाजपा के 12 विधायकों के महाराष्ट्र विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है. इसको लेकर पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव ने बताया कि उन लोगों ने मुझे गाली दी और मेरे ऊपर हमला करने की भी कोशिश की. घटना के बारे में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘देवेंद्र फड़णवीस ने जोर देकर कहा था कि उन्हें ओबीसी के प्रस्ताव आरक्षण पर पहले बोलने की अनुमति दी जाए. इसलिए मैंने उन्हें बोलने की इजाजत दी. बाद में, छगन भुजबल ने सबूतों के साथ फड़णवीस को उनके सवालों के जवाब दिए, जिससे वह और भाजपा असहज हो गए.’
जाधव ने कहा, ‘मैंने उन्हें बताने की कोशिश की कि वहां सीसीटीवी कैमरा था. इसलिए नियमों के मुताबिक महाराष्ट्र विधानसभा से भाजपा के 12 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया.’
वहीं, नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा कि जाधव द्वारा दिया गया घटना का विवरण ‘एकतरफा’ है. हालांकि, जाधव ने इस आरोप की जांच की मांग की कि शिवसेना के कुछ सदस्यों और उन्होंने खुद अभद्र टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अगर यह सच साबित होता है तो वह किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं. राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर कर दिया गया.






















