★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{गिरफ्तार हो सकते हैं पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम, INX केस में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज}
[24 बार से भी ज्यादे कोर्ट देती रही थी अग्रिम जमानत चिदम्बरम को,आरोप है 2007 में मनमोहन सरकार में वित्तमंत्री रहते ली थी 307 करोड़ की रिश्वत]
(बेटे कार्ति चिदम्बरम पर भी है गम्भीर आरोप वो भी जमानत पर है बाहर,INX मीडिया मालकिन इंद्राणी मुखर्जी बन चुकी है सरकारी गवाह)

♂÷दिल्ली हाई कोर्ट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है।आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार केस में हाई कोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही ईडी और सीबीआई जल्द ही चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकते हैं।
आईएनएक्स मीडिया केस में हाई कोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट से पूर्व वित्त मंत्री ने 3 दिन की मोहलत मांगी है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब ईडी और सीबीआई जल्द ही चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकते हैं।
चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।इस केस में अभी तक चिदंबरम को कोर्ट से करीब दो दर्जन बार अंतरिम प्रोटेक्शन यानी गिरफ्तारी पर रोक की राहत मिली हुई है।ये मामला 2007 का है जब केंद्र में मनमोहन सिंह सरकार में पी चिदंबरम वित्त मंत्री के पद पर थे।

आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।इस मामले में सीबीआई और ईडी पहले ही चिदंबरम के बेटे कार्ति को गिरफ्तार कर चुकी है और वो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।इस मामले में अहम मोड़ तब आया, जब इंद्राणी मुखर्जी 4 जुलाई को सरकारी गवाह बन गईं।
2017 में सीबीआई ने इस मामले में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से मिली स्वीकृति में गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज की जबकि ईडी ने 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।इस मामले में आईएनएक्स मीडिया की मालकिन और आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को इस केस में अप्रूवर बनाया गया है और इसी साल उनका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया गया।सीबीआई के मुताबिक मुखर्जी ने गवाही दी कि उसने पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को 10 लाख रुपये दिए थे।






















