★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में गोरखपुर जेल में पत्नी समेत बन्द पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के विधायक बेटे अमनमणि भी चल रहे बाप के नक्शेकदम पर}
[नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि पर गोरखपुर के एक व्यापारी ऋषि पांडेय के अपहरण का लखनऊ में है केस दर्ज,नही हाज़िर हो रहे थे कोर्ट में]
(इसके पहले पत्नी सारा की हत्या के मामले में चल रही है जाँच अमनमणि के ख़िलाफ़, कोरोना काल मे उत्तराखंड पुलिस से उलझने को लेकर हुए थे गिरफ्तार)
♂÷कहते हैं जैसी शिक्षा संस्कार माँ-बाप अपने औलाद को अपने आचरण व्यवहार से देंगे वैसी ही औलादे बनती हैं।
ये कहावत महराजगंज ज़िले के नौतनवा सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी के ऊपर सटीक बैठती है।जेल में पत्नी समेत कवियत्री के हत्या के मामलें में सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी के विधायक पुत्र अमनमणि त्रिपाठी को आज एमपी एमएलए कोर्ट ने एक मामलें में भगोड़ा साबित कर वारन्ट जारी करते हुए उनकी सम्पत्ति की कुर्की का आदेश दिया है।
विवादों में रहने वाले महराजगंज जिले के नौतनवां से निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी एक बार फिर से चर्चा में हैं। अपहरण के एक मामले में कोर्ट ने अमन मणि त्रिपाठी को फरार घोषित करने के साथ ही वारंट जारी करने के साथ कुर्की का भी आदेश जारी किया है।
पत्नी सारा की हत्या के आरोप में सीबीआइ की जांच झेल रहे अमन मणि को कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने तथा पुलिस से उलझने के कारण करीब छह महीना पहले उत्तराखंड में गिरफ्तार किया गया था। अब वह फिर नये विवाद में हैं।गोरखपुर जेल में कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में पत्नी सहित आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के विधायक पुत्र अमनमणि भी उनकी राह पर हैं।
अपहरण के एक मामले में कई वारंट के बाद भी पेश न होने वाले निर्दलीय विधायक अमन मणि को एमपी/एमएलए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया है। विशेष न्यायाधीश पीके राय ने भी मामले में अमन मणि की संपत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई चार मार्च को होगी।
निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी के खिलाफ फिरौती के लिए गोरखपुर के एक व्यापारी के अपहरण का मामला दर्ज है। केस लखनऊ के गौतमपल्ली थाना में दर्ज है। आरोप है अमन मणि त्रिपाठी ने अपने कुछ साथियों के साथ गोरखपुर के व्यापारी ऋषि पाण्डेय का लखनऊ से अपहरण कर लिया था। इस दौरान व्यापारी के साथ रास्ते में मारपीट की गई।
अमन मणि पर आरोप है कि उन्होंने व्यापारी को रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। अमन मणि और उसके साथियों के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली पुलिस स्टेशन में छह अगस्त 2014 को मामला दर्ज किया गया था।
व्यापारी के अपहरण, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में लखनऊ की पुलिस ने अमन मणि त्रिपाठी के खिलाफ 28 जुलाई 2017 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद इस मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट की तारीखों पर अमनमणि की तरफ से बीमारी का हवाला देकर लगातार हाजिरी माफी की अर्जी लगाई जा रही थी। जिस पर कोर्ट ने कार्रवाई करते हुए अमन मणि को भगोड़ा घोषित कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अमन मणि त्रिपाठी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र हैं। अमरमणि त्रिपाठी लखनऊ में 2003 में कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में गोरखपुर जेल में पत्नी के साथ उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।






















