★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पार्टी अध्यक्ष व सांसद चिराग़ पासवान अपने चाचा से मिलने ख़ुद कार चलकर पहुँचे उनके घर मगर नही मिली इंट्री,चिराग़ के फ़ैसले से था पार्टी में असंतोष}
[पारस पासवान की अगुवाई में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे सांसद, रविवार को पत्र लिखकर स्पीकर को दी गयी थी टूट की सूचना]
(बागी सांसद पशुपति पारस ने कहा 6 में से 5 सांसद पार्टी को बचाना चाहते हैं, मैंने पार्टी नही तोड़ी है, चिराग़ मेरा भतीजा व पार्टीअध्यक्ष है)
♂÷लोकजनशक्ति पार्टी के अंदर गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान से ही उभरे तगड़े असंतोष ने बड़े फूट का रूप ले लिया है, चिराग़ पासवान को किनारे कर लोजपा के सभी सांसदों ने पशुपति पारस को अपना नेता मान लिया है।लोक सभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सभी पांच सांसदों ने रविवार को इसकी सूचना भी दी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के निधन के बाद पार्टी की कमान उनके बेटे चिराग पासवान के हाथों में है लेकिन अब पार्टी में बड़ी फूट पड़ चुकी है यही नहीं लोजपा अब चिराग पासवान को लोकसभा में नेता के पद से भी हटा सकती है।

इस बीच लोजपा की लड़ाई अब सड़कों पर आ गई है, बताया जा रहा है कि चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति पारस से मिलने उनके घर पहुंचे हैं लेकिन काफी देर तक गाड़ी का हॉर्न बजाने के बावजूद भी गेट नहीं खोला गया, जबकि गाड़ी खुद चिराग चला रहे थे पारस पहले ही घर से निकल चुके हैं।
ताजा घटनाक्रम में पशुपति पारस के घर का मुख्य दरवाजा तो चिराग पासवान के लिए खुल गया है, लेकिन उन्हें घर में एंट्री नहीं मिल रही है।जानकारी के मुताबिक, चिराग अपने चाचा का गाड़ी के अंदर बैठकर इंतजार कर रहे हैं।
लोजपा में फूट पर बागी सांसद पशुपति पारस सामने आए हैं उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के 6 में से 5 सांसद पार्टी को बचाना चाहते हैं, मैंने पार्टी तोड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान मेरा भतीजा और पार्टी का अध्यक्ष है और मेरी उनसे कोई खिलाफत नहीं है।पारस ने कहा कि हमारे पांच सांसदों ने लोक सभा स्पीकर को एक लेटर सौंपा है और वक्त मिलने में हम उनसे मुलाकात करेंगे।
जेडीयू में जाने की अटकलों में पारस ने कहा कि यह सरासर गलत है, उन्होंने कहा कि लोजपा मेरी पार्टी है और बिहार में हमारा संगठन काफी मजबूत है।उन्होंने कहा कि हम केंद्र में एनडीए के साथ हैं और यह गठबंधन आगे भी जारी रहेगा।
इससे पहले हाजीपुर सांसद पशुपति पारस ने जेडीयू नेता ललन सिंह और आरसीपी सिंह से मुलाकात की थी। अब लोजपा के 5 सांसदों ने पशुपति पारस को अपना नेता मान लिया है। लोक सभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सभी पांच सांसदों ने रविवार को इसकी सूचना भी दी है। ऐसे में चिराग पासवान को लोकसभा में पार्टी लीडर के पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक लोजपा के सांसदों ने चिराग के खिलाफ बगावती रुख अपना लिया है। इसकी बड़ी वजह एनडीए से अलग होकर बिहार विधान सभा चुनाव लड़ने के फैसले को माना जा रहा है, बिहार चुनाव में पार्टी की दुर्दशा हुई थी और अकेले चुनाव लड़े चिराग पासवान की पार्टी को मुंह की खानी पड़ी थी।
सूत्रों का कहना है कि आज 1.30 बजे पशुपति पारस की अगुवाई में बागी सांसद चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे, इसके अलावा 3 बजे दिल्ली में पार्टी नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें आगे की रणनीति का खुलासा होगा।
पार्टी के कई बड़े नेता चिराग के काम से खुश नहीं है और न ही उनके फैसलों के साथ नजर आ रहे हैं। जिन नेताओं ने चिराग के खिलाफ बगावत की है उनमें पशुपति पारस के अलावा प्रिंस राज, महबूब अली कैसर, वीणा देवी और चंदन सिंह का नाम आ रहा है।
चिराग के करीबी सूत्रों ने इस बगावत के लिए जेडीयू को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से लोजपा अध्यक्ष को अलग-थलग करने की कोशिश कर रही थी क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जाने के चिराग के फैसले से सत्ताधारी पार्टी को काफी नुकसान पहुंचा था।
सूत्रों ने बताया कि नाराज लोजपा सांसदों का गुट भविष्य में जेडीयू का समर्थन भी कर सकता है।
नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने भी लोजपा में पड़ी फूट के लिए बिहार में सत्ताधारी जेडीयू को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू राजनीतिक भ्रष्टाचार कर रही है, जब से जेडीयू का गठन हुआ तब से लेकर आज तक नीतीश कुमार दूसरे दलों को ही तोड़ रहे है ये सही परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को याद रखना चाहिए कभी वो भी विपक्ष में रहेंगे और उनके साथ भी यही घटना हो सकती है।






















