★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
उमेश पाल हत्याकांड पर विधानसभा में नेता विपक्ष व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव नें योगी सरकार पर क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर फ़ेल होने व जातिवादी होने के साथ ही अल्पसंख्यक माफियाओं पर ही सख़्ती दिखाने का लगाया था आरोप
जिस पर बजट सत्र के दौरान अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा था कि”ऐसा दुस्साहस करने वाले माफियाओं को मिट्टी में मिला दूँगा”ये सब सपा के पाले हुए माफ़िया है
♂÷उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा सोमवार को प्रदेश के 10 टॉप मोस्ट वान्टेड माफ़िया समेत मण्डल स्तर पर पूरे सूबे के पुलिस रिकॉर्ड में संगीन अपराधों के लिए कुख्यात इनामी बदमाशों की सूची जारी कर दी है।
इसमें मुख्तार अंसारी,उनके जानी दुश्मन बृजेश सिंह,त्रिभुवन सिंह,विजय मिश्रा, ध्रुव सिंह उर्फ़ कुण्टू सिंह,सुभाष ठाकुर आदि के साथ पूरे प्रदेश के जोन स्तर पर हर ज़िले के माफियाओं की सूची उन सब के निवास स्थान व इनाम की रक़म के साथ जारी कर दी गयी है।
अल्पसंख्यक हों या बहुसंख्यक, पिछड़ी जाति हो या अगड़ी, अपराधों के प्रति योगी सरकार सख्ती से निपट रही है।
इसका सटीक उदाहरण यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड क्रिमिनल लिस्ट है, जिसमें उन लोगों को शामिल किया गया है जिन्होंने गंभीर अपराध किए हैं वह भी बग़ैर धर्म मज़हब जाति बिरादरी देखे बगैर।
उल्लेखनीय है कि माफ़िया ब्रदर्स अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या और अतीक के बेटे असद समेत कुल चार हत्यारों की एनकाउंटर के बाद विपक्षी नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अल्पसंख्यक विरोधी होने के साथ ही जातिवादी होने का आरोप उन पर चस्पा कर रहे हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर सियासी आक्रमण कर सरकार को असहज करनें में लगे नेताओं के लिए यूपी पुलिस के द्वारा जारी की गई मोस्ट वांटेड क्रिमिनल्स की लिस्ट योगी सरकार की तरफ़ से विपक्षी नेताओं के लिए सटीक जवाब माना जा रहा है।
याद हो कि बजट सत्र के दौरान ही प्रयागराज में माफ़िया अतीक अहमद व अशरफ़ के हत्यारों नें जिसमें अतीक का छोटा बेटा असद भी शामिल था नें दिनदहाड़े 2005 में तत्कालीन बसपा विधायक राजूपाल की हत्या के चश्मदीद गवाह एडवोकेट उमेश पाल को प्रयागराज में दिनदहाड़े गोलियों व बमों की बौछार कर नृशंस हत्या कर दी थी।उमेश पाल की सुरक्षा में शासन की तरफ़ से तैनात दो पुलिस कर्मी भी शहीद हो गए थे।
इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर विधानसभा में नेता विपक्ष व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी पर आरोप।लगाया कि उनकी सरकार क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश में फ़ेल हैं और अपराधी भयमुक्त है।

जिस पर मुख्यमंत्री ने नेता विपक्ष अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा था कि”क़ानून व्यवस्था से दुस्साहस करने वाले माफियाओं को मिट्टी में मिला दूँगा”
ये माफिया अब प्रदेश में किए गए सूचीबद्ध*♀
मेरठ जोन*
उधम सिंह, योगेश भदोड़ा, बदन सिंह उर्फ बद्दो, हाजी याकूब कुरैशी, शारिक, सुनील राठी, धर्मेंद्र, यशपाल तोमर, अमर पाल उर्फ कालू, अनुज बारखा, विक्रांत उर्फ विक्की, हाजी इकबाल उर्फ बाला, विनोद शर्मा, सुनील उर्फ मूंछ, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा व विनय त्यागी उर्फ टिंकू, आगरा जोन के अनिल चौधरी व ऋषि कुमार शर्मा, बरेली जोन के एजाज, कानपुर जोन के अनुपम दुबे.
लखनऊ जोन*
खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंघाला, अतुल वर्मा, मु.सहीम उर्फ कासिम प्रयागराज जोन के डब्बू सिंह उर्फ प्रदीप सिंह, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह
वाराणसी जोन*
मुख्तार अंसारी, त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन सिंह, विजय मिश्रा, ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, अखंड प्रताप सिंह, रमेश सिंह उर्फ काका
गोरखपुर जोन*
संजीव द्विवेदी उर्फ रामू द्विवेदी, राकेश यादव, सुधीर कुमार सिंह, विनोद कुमार उपाध्याय, राजन तिवारी, रिजवान जहीर, देवेन्द्र सिंह
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट*
सुंदर भाटी, सिंहराज भाटी, अमित कसाना, अनिल भाटी, रणदीप भाटी, मनोज उर्फ आसे, अनिल दुजाना
कानपुर कमिश्नरेट*
सऊद अख्तर, कमिश्नरेट लखनऊ के लल्लू यादव, बच्चू यादव व जुगनू वालिया उर्फ हरिवंदर सिंह
प्रयागराज कमिश्नरेट*
बच्चा पासी उर्फ निहाल पासी, दिलीप मिश्रा, जावेद उर्फ पप्पू, राजेश यादव, गणेश यादव, कमरुल हसन, जाविर हुसैन व मुजफ्फर
वाराणसी कमिश्नरेट*
अभिषेक सिंह हनी उर्फ जहर, बृजेश कुमार सिंह व सुभाष सिंह ठाकुर
माफिया की गतिविधियों पर रहती है एसटीएफ की नजर*
सूचीबद्ध माफिया की गतिविधियों पर एसटीएफ और जिला पुलिस कड़ी नजर रखती है।
शासन स्तर से पहले अनुमोदित 25 सूचीबद्ध माफ़िया में मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन सिंह, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा, ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू, सुशील उर्फ मूंछ, सीरियल किलर सलीम, रुस्तम व सोहराब समेत अन्य कुख्यातों के नाम शामिल थे।
उत्तर प्रदेश के अतिवांछित अपराधियों और उन पर कितना इनाम और कहाँ के निवासी हैं देंखे एक नजर में*
विवेक कुमार निवासी बुलंदशहर 50,000 रुपये,
सलीम मुख्तार शेख़ निवासी लखनऊ 50,000 रुपये,
संजीव नाला निवासी मुज्जफरनगर 50,000 रुपये,
सुनील महकर सिंह निवासी सहारनपुर 50,000 रुपये,
राम नरेश ठाकुर निवासी आगरा 50,000 रुपये,
विश्वास नेपाली निवासी वाराणसी 50,000 रुपये,
सुनील यादव निवासी वाराणसी 50,000 रुपये,
अजीम अहमद निवासी वाराणसी 50,000 रुपये,
मनीष सिंह निवासी वाराणसी 50,000 रुपये,
शहाबुद्दीन निवासी गाजीपुर 2,00,000 रुपये,
अताउर्रहमान बाबू उर्फ सिकंदर निवासी गाजीपुर 2,00,000 रुपये,
बहर उर्फ बहारुद्दीन निवासी कौशांबी 50,000 रुपये,
रुद्रेश उपाध्याय उर्फ पिंटू निवासी भदोही 50,000 रुपये,
आफताब आलम निवासी प्रयागराज 50,000 रुपये,
शिवा बिंद उर्फ शिव शंकर बिंद निवासी गाजीपुर 50,000 रुपये,
हरीश निवासी मुजफ्फरनगर 2,00,000 रुपये,
सुमित निवासी मुरादाबाद 2,00,000 रुपये,
बदन सिंह बद्दो निवासी मेरठ 2,50,000 रुपये,
मनीष सिंह सोनू निवासी वाराणसी 2,00,000 रुपये,
राघवेंद्र यादव निवासी गोरखपुर 2,50,000 रुपये,
दीप्ति बहल निवासी गाजियाबाद 5,00,000 रुपये,
भूदेव निवासी बुलंदशहर पर 5,00,000 रुपये,
विजेंद्र सिंह हूड्डा निवासी मेरठ पर 5,00,000 रुपये,
राशिद नसीम निवासी लखनऊ पर 5,00,000 रुपये,
आदित्य राणा निवासी बिजनौर पर 2,50,000 रुपये,
राम चरण उर्फ बौरा निवासी बारांबकी पर 3,00,000 रुपये,
दिनेश कुमार सिंह निवासी रायबरेली पर 1,50,000 हज़ार रुपये का इनाम उत्तरप्रदेश सरकार नें रखा है।




