राष्ट्र निर्माण में राजीव गांधी की महती भूमिका

लेखक जयतिलक

आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि है। राजीव गांधी में राष्ट्र को सामर्थ्यवान बनाने की सर्जनात्मक जिद् थी। उन्होंने सत्ता का लगाम थामते ही आतंकवाद के फन को कुचलना शुरु किया। कश्मीर, पंजाब और पूर्वोत्तर में आतंकवाद से निपटने के लिए उन्होंने जोरदार रणनीति बनायी और आतंकवादियों को दूम दबाना पड़ा। महात्मा गांधी के अहिंसा के विचार से प्रभावित राजीव गांधी ने आतंकवाद प्रभावित राज्यों के गुमराह नौजवानों को राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल होने का आह्नान किया और भरोसा दिया कि उनके हित के लिए सरकार ठोस पहल करेगी। देखा गया कि उनकी सरकार ने रोजगार सृजित किए और आतंकवाद प्रभावित राज्यों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया। राजीव गांधी ने भारत को महानतम देशों की कतार में शुमार करने के लिए आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक तकनीकी के ज्ञान पर बल दिया। युवा राजनीति में भी आगे बढ़े इसके लिए उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी बढ़ायी। विकास को लेकर उनका स्पष्ट मानना था कि देश का विकास तभी संभव है जब गांवों का विकास होगा। देश की असल ताकत गांव है और राष्ट्र की समृद्धि के लिए गांवों का समृद्ध होना जरुरी है। उनकी सरकार ने गांवों के विकास के लिए कई नीतियां बनायी। उनकी सरकार के एजेंडे में शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में था। वे तकनीकी शिक्षा के जरिए गांव के नौजवानों को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे। इसके लिए उनकी सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की और देश भर में हजारों की संख्या में जवाहर नवोदय विद्यालय खोले गए। उनकी सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों की संख्या भी कई गुना बढ़ायी गयी। देश के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी विद्यालय खोले। इसका असर यह हुआ कि शहरों के साथ-साथ गांव के युवाओं में भी तकनीकी शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ा। उनकी सरकार ने देश से गरीबी और भूखमरी मिटाने के लिए सकारात्मक पहल की। बेरोजगारी दूर करने के लिए कई योजनाएं बनायी। विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जिसका फायदा युवाओं को मिला। राजीव गांधी का स्पष्ट मानना था कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उद्योग एवं कृषि का समान रुप से विकास होना चाहिए। कृषि के विकास के लिए उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मसलन किसानों को कम ब्याज दर पर कृषि ऋण एवं कृषि उपकरण उपलब्ध कराए। किसानों को उनके फसल की उचित कीमत मिले इसके लिए उनकी सरकार ने समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की। कम उपजाऊ एवं ऊसर भूमि को उर्वर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी को बढ़ावा दिया। किसानों को समय पर उन्नत बीज एवं उर्वरक मिले इसके लिए ठोस पहल की। गांवों में स्थापित सहकारी समितियों को सुचारु ढंग से चलाने के लिए धन उपलब्ध कराया। उन्होंने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा गन्ना उत्पादन वाले विशेष क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में चीनी मिलें खुलवायी। नगदी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जिससे धीरे-धीरे गांवों की शक्ल बदलने लगी। जवाहर रोजगार योजना के तहत गांवों का विकास हुआ और हजारों लोगों को रोजगार मिला। वे अच्छी तरह जानते थे कि किसानों और कृषि को मजबूत किए बिना देश को तरक्की की राह पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने सिंचाई के उचित प्रबंध के लिए कई प्रमुख परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उनकी सरकार ने इंदिरा आवास योजना के माध्यम से गरीबों के लिए छत मुहैया करायी। गांवों को शहरों से जोड़ने की दिशा में पहल करते हुए सड़कों का निर्माण कराया। उनका मकसद यह था कि किसान अपने पैदावार को बेचने के लिए शहरों तक आसानी से जाएं और उन्हें उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले। गरीबों तक अनाज पहुंचाने के लिए उनकी सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त किया। राजीव गांधी ने रोजगार सृजन और तरक्की की राह को और आसान बनाने के लिए अनेकों कल-कारखानों की स्थापना की। आज उसी की नींव पर बुलंद भारत की नयी तस्वीर रची जा रही है। उनका वैज्ञानिक खोजों एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में गहरी अभिरुचि थी। वे चाहते थे कि उसका इस्तेमाल कृषि कार्यों में हो। औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी सरकार ने विशेष आर्थिक छूट प्रदान की और लाइसेंस राज को खत्म किया। विकास की राह में रोड़ा बने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की। राजीव गांधी देश की सुरक्षा को लेकर भी बेहद गंभीर थे। उन्हें कतई पसंद नहीं था कि पड़ोसी व विदेशी ताकतें देश की संप्रभुता को चुनौती दें। इसलिए उन्होंने परंपरागत विदेश नीति को एक नया आयाम दिया। पड़ोसी देशों से मधुर संबंध बनाए रखना उनकी शीर्ष प्राथमिकता में था और आसपास की चुनौतियों को लेकर भी सतर्क थे। उनकी सरकार की विदेश नीति की प्रमुख विशेषता-अतर्राष्ट्रीय मसलों को पारस्परिक बातचीत से हल करना और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना था। इसके लिए उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति की ठोस पहल की। आग में जल रहे पड़ोसी देश श्रीलंका में शांति स्थापना के लिए शांति सेना भेजी। लेकिन श्रीलंका में पसरे आतंकियों को यह रास नहीं आया और वे एक सुनियोजित साजिश रचकर 21 मई, 1991 को मद्रास के निकट पेराम्बुदूर में आत्मघाती हमला कर उनकी हत्या कर दी। संपूर्ण विश्व स्तब्ध रह गया। लेकिन उनकी शहादत रंग लायी और अंततः आतंकी शक्तियों को पराजित ही होना पड़ा। 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। तथ्य यह भी कि देश में पीढ़ीगत बदलाव के महायोद्धा राजीव गांधी को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त करने का गौरव भी हासिल है। राजीव गांधी स्वभाव से बेहद गंभीर और धैयवान थे। आधुनिक सोच व विचारों से लबरेज राजीव गांधी में निर्णय लेने की अदभुत क्षमता थी। वे भारत को दुनिया की उच्च तकनीकों से लैस देखना चाहते थे। उन्होंने सत्ता में रहते हुए ही इक्कीसवीं सदी के भारत के निर्माण का रोडमैप खींच दिया। यहीं कारण है कि आज देश राजीव गांधी के विचारों और उनके आदर्शों से प्रभावित और अभिभूत है।

(लेखक राजनीतिक व सामाजिक विश्लेषक हैं)

Hot this week

मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे बात-संजय शर्मा

(गणपत दैय्या)(जैसलमेर) IFWJ के जैसलमेर अध्यक्ष ने वन पर्यावरण एवं...

वैश्विक संकट और ऊर्जा युद्ध के बीच आत्मनिर्भरता की राह पर भारत!

लेखक-ओपी पाल समंदर में महा-सर्वे और जमीन पर कोयले के...

विभाग आवंटन में योगी ने टीम गुजरात को दिया कड़ा संदेश- दबदबा था, दबदबा है, दबदबा रहेगा!

लेखक:मनोज श्रीवास्तव मंत्रिमंडल विस्तार देकर तो योगी ने यही संदेश...

पीएम मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान मिलना राष्ट्र के लिए गर्व का विषय:डॉ मोहन यादव

(दीपक निखारे)(भोपाल) पीएम को "ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नार्वेजियन...

भारत-यूएईः व्यापारिक साझेदारी की ऊंची उड़ान

लेखक-अरविंद जयतिलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा ने...

Topics

मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे बात-संजय शर्मा

(गणपत दैय्या)(जैसलमेर) IFWJ के जैसलमेर अध्यक्ष ने वन पर्यावरण एवं...

वैश्विक संकट और ऊर्जा युद्ध के बीच आत्मनिर्भरता की राह पर भारत!

लेखक-ओपी पाल समंदर में महा-सर्वे और जमीन पर कोयले के...

विभाग आवंटन में योगी ने टीम गुजरात को दिया कड़ा संदेश- दबदबा था, दबदबा है, दबदबा रहेगा!

लेखक:मनोज श्रीवास्तव मंत्रिमंडल विस्तार देकर तो योगी ने यही संदेश...

पीएम मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान मिलना राष्ट्र के लिए गर्व का विषय:डॉ मोहन यादव

(दीपक निखारे)(भोपाल) पीएम को "ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नार्वेजियन...

भारत-यूएईः व्यापारिक साझेदारी की ऊंची उड़ान

लेखक-अरविंद जयतिलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा ने...

पूर्वांचल और महाराष्ट्र के बीच है सदियों पुराना नाता: देवेंद्र फडणवीस

(मुकेश सेठ)(मुम्बई) मुख्यमंत्री ने मुम्बई विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में...

चौरासी माल’ से ‘तराई’ तक की रोचक कथा

लेखक: प्रयाग पाण्डे 'नाम' की महिमा निराली है। 'नाम' को...

निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रेरणास्रोत थे शीतला सिंह : न्यायमूर्ति डी.पी. सिंह

(हसीब सिद्दीकी)(लखनऊ) यूपी प्रेस क्लब में तीसरी पुण्यतिथि पर याद...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img