मध्य प्रदेश पर बढ़ा कर्ज का बोझ, RBI से ₹1500 करोड़ और लेगी मोहन सरकार

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के जरिए 1,500 करोड़ रुपये की उधारी जुटाने जा रही है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य के बजट और वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में मध्य प्रदेश ने ऋण चुकौती को छोड़कर 3.89 लाख करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान रखा है।
इसे पूरा करने के लिए 3.17 लाख करोड़ रुपये की गैर-उधारी प्राप्तियां और करीब 71,753 करोड़ रुपये की शुद्ध उधारी प्रस्तावित है। वहीं, CAG की 2024-25 की राज्य वित्त रिपोर्ट में भी मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति और कर्ज संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।
नई 1,500 करोड़ रुपये की उधारी से राज्य सरकार को वित्तीय जरूरतों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी। हालांकि, इस उधारी के इस्तेमाल और इसके वित्तीय प्रभाव की तस्वीर सरकारी दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।



