लेखक-डॉ.के. विक्रम राव भूलोक का विशालतम जनवादी पर्व महाकुंभ रोमांच के साथ आशंकायें भी सर्जाता है। भारतीय गणतंत्र का पहला पर्व (1954) को भुलाना सुगम नहीं है। एक प्रधानमंत्री की असावधानी और एक... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव निधन के बाद सरदार मनमोहन सिंह ने जाना होगा कि वे इतने ज्यादा गुण संपन्न थे। अतिरंजना से ही सही। पर चहेतों ने उन्हें अभिमंडित तो कर ही दिया। बस एक दस्तावेजी प्रमाण देखे... Read more
(मुकेश सेठ)( मुंबई) √ GPS बेस्ड तकनीकी के आधार पर वाहन स्वामियों के बैंक अकाउंट से कट जायेगा टोल मनी,नही रुकना पड़ेगा टोल नाके पर नये साल में जल्दी ही देश को टोल प्लाजा से मुक्ति मिलने जा रह... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव राजधानी तिरुवनंतपुरम में राजशक्ति के दो स्थलों के दरम्यान प्रधानमंत्री ने अमन सर्जा दिया। एकदम सरल और सीधा उपाय। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सागरतट से गंगातट भेज कर।... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव आपकी खिदमत में एक और रचना। प्रतिष्ठित और मशहूर “प्रभात प्रकाशन” (आसफ अली रोड, नई दिल्ली-2) द्वारा मुद्रित। यह पुस्तक इसलिए लिखी गई ताकि मुंडका उपनिषद से अप... Read more
लेखक -डॉ.के. विक्रम राव लेखक के लिए उसकी नई किताब का प्रकाशन नवजात संतान जैसा आह्लादप्रदायी होता है। अतः “वे दिन वे लोग”, मेरी ताजा (बारहवीं किताब) ठीक वैसी ही खुशी दे रही है। अन... Read more
लेखक-डॉ.के.विक्रम राव पूर्वी यूरोप का एक यहूदी जो कभी बुडापेस्ट में रेलवे कुली और होटल बियरर था अब खरबपति दलाल बनकर नरेंद्र मोदी की सरकार उखाड़ने में ओवरटाइम कर रहा है। नाम है जॉर्ज सोरोस। य... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव मेरे हमराह, हमजोली, क्लासफेलो कामरेड सैय्यद हैदर अब्बास रजा दिवंगत हो गए। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के वरिष्ठतम न्यायमूर्ति रहे। उस दौर में (1955-60) हम साथ थे। वे... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव महाराष्ट्र के तमिलभाषी राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अब समझ में आया कि भाजपा के “अभिमन्यु” देवेंद्र फडनवीस बार-बार स्वयं को समुन्दर क्यों बताते हैं ? “... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव शरद पवार उच्च कोटि के गिरगिट हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में आज फिर एक बार यह साबित कर दिया। वे अब तक चौदह बार चुनाव लड़े हैं। चार बार राज्य के मुख्यमंत्री बने।... Read more


















