★मुकेश शर्मा★
★भोपाल★
{चंबल एडीजी की कार्यवाही से भृष्ट एवं आपराधिक किस्म के पुलिस कर्मियों में हड़कंप}
[गोहद थाना प्रभारी कुशल सिंह भदौरिया का किया डिमोशन]
♂÷एडीजीपी राजेश चावला ने जब से चंबल संभाग की कमान संभाली है तबसे अंचल के भृष्ट एवं आपराधिक किस्म के पुलिस कर्मियों में आम जनता एवं कानून का सम्मान बढ़गया है। अभी भिण्ड देहात थाना प्रभारी रामबाबू यादव को 6 माह के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में भेजने का मामला शांत भी नहीं हुआ कि कानून से कानून से खिलवाड़ करने बाले एक थाना प्रभारी को रिवर्ड कर उप निरीक्षक बना दिया और एक सहायक उपनिरीक्षक को सेवा से वर्ख़ास्त कर दिया।
मामला यह है कि चंबल संभाग के भिण्ड जिले के गोहद थाना में पदस्थ थाना प्रभारी कुशल सिंह भदौरिया का एडीजीपी श्री चावला ने डिमोशन कर दिया है। अब श्री भदौरिया अगले 5 साल तक उपनिरीक्षक केपद पर काम करेंगे इसके साथ ही सहायक उप निरीक्षक होतम सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
बताया जा रहा है कि मामला तीन साल पहले का है जिसमें नाबालिग के रेप और हत्या के मामले में दोनों पुलिस कर्मियों ने लापरवाही बरतते हुए केवल 304 धारा में केस दर्ज किया था। इस पर नाबालिग के परिजनों थाना प्रभारी कुशल सिंह भदौरिया और एएसआई होतम सिंह द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई न करने की शिकायत की थी। इसके बाद दोनों की विभागीय जांच की गई। जांच का जिम्मा दतिया पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर को दिया गया था। राठौर की रिपोर्ट में कुशल सिंह और होतम सिंह की लापरवाही सामने आई थी। उन्ही के प्रतिवेदन के आधार पर चंबल एडीजीपी श्री चावला ने ये कार्रवाई की है।
तीन साल पहले का है मामला
दरअसल तीन साल पहले चंबल संभाग के मुरैना जिले के कैलारस थाने में पदस्थ निरीक्षक कुशल सिंह भदौरिया और एएसआई होतम सिंह के सामने नाबालिग बच्ची की फांसी से मौत का मामला सामने आया था जिसकी जांच कैलारस थाने में पदस्थ तत्कालीन एएसआई गौतम सिंह ने की। जिसमें उन्होंने मृतका के परिजनों द्वारा दिए गए बलात्कार के बाद हत्या के बयानों और नाबालिक के बैग से निकले 4 पन्नों के सुसाइड नोट के बाद भी 304 का प्रतिवेदन तैयार किया गया था यह है मामला 2019 में जनवरी माह में कैलारस थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची की मौत फांसी लगने से हो गई थी जिस पर मर्ग कायम कर एएसआई होतम सिंह ने जांच शुरू की थी जांच के दौरान बच्ची के बैग से हस्तलिखित 4 पेज का पत्र मिला था बच्ची के पिता और नाना ने पुलिस को बताया था कि बच्ची से बलात्कार के बाद हत्या कर फांसी पर लटकाया गया है, एएसआई ने मर्ग जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया तो पीएम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि पिता और नाना बयानों के बावजूद धारा 306,376 का मामला पंजीबद्ध नहीं किया गया, पूरी जांच प्रतिवेदन में तथ्यों की अनदेखी करते हुए धारा 304 प्रतिवेदन तैयार किया गया, इस पूरे मामले की शिकायत नाबालिक मृतिका की पिता द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को की गई।
एक दूसरे के सिर फोड़ा आरोपों का ठीकरा
जांच के दौरान एसआईआई होतम सिंह ने दतिया एसपी अमन सिंह राठौड़ को बयान दिया था कि उन्होंने प्रतिवेदन टीआई कुशल सिंह के लिखित आदेश पर तैयार किया है, इस संबंध में किसी प्रकार का लिखित आदेश जांच के दौरान प्रस्तुत नहीं कर पाए। कुशल सिंह भदौरिया ने अपने बयानों में बताया कि जांच प्रतिवेदन उनके संज्ञान में आए बिना एएसआई होतम सिंह ने तैयार किया था। कार्रवाई की जानकारी लगते ही भिंड पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने गोहद चौराहा थाना प्रभारी के पद पर तैनात कुशल सिंह भदौरिया को हटा दिया है।खैर मामला जो भी हो लेकिन एडीजीपी श्री चावला की ताबड़तोड़ कार्यवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास जगा है।






















