लेखक -सुभाष चंद्र
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल CJP के छात्र आंदोलन की आड़ में चलाई जा रही अराजकता के साथ खड़े होकर NEET पेपर लीक पर संसद में बहस न कर बाहर हंगामा मचा रहे हैं जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शासन काल में कितने पेपर लीक हुए, उन्हें भी ये लोग याद रखें तो बेहतर होगा।
पिछले 20 वर्ष में व्यवस्थित अनियमितताओं और संगठित गिरोहों के कारण केंद्रीय एवं राज्य स्तर की 150 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक या समझौता (Compromise) होने के मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस की सरकार केंद्र में लीक हुए पेपर ये थे जिनमें –
2006: सीबीएसई (CBSE) कक्षा 12 का अकाउंटेंसी प्रश्नपत्र लीक हुआ;
2007: अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (AIEEE) का प्रश्नपत्र लीक हुआ;
2008: अखिल भारतीय प्री-मेडिकल टेस्ट (AIPMT) का प्रश्नपत्र लीक हुआ;
2014: सीबीएसई कक्षा 10 गणित तथा कक्षा 12 अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र लीक हुए।
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री के समय में पेपर तो लीक हुए ही लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार तो खुलेआम नक़ल करने की भी अनुमति देती थी इससे बड़ा पेपर लीक और क्या होगा।
2015: UPPSC Prelims के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हो गए;
2016 : UPPSC RO/ARO : The Review Officer / Assistant Review Officer (RO/ARO) preliminary examination के पेपर लीक हुए जो परीक्षा बाद में 2020 में हुई ।
कांग्रेस की राजस्थान सरकार ने 2018 से 2023 तक पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाया, जो पेपर लीक हुए वो भी पढ़िए –
-REET-2021 (लेवल-2)
राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण लेवल-2 परीक्षा रद्द करनी पड़ी;
इससे 16 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए;
-राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2022
प्रश्नपत्र लीक होने के कारण द्वितीय पाली की परीक्षा रद्द करनी पड़ी तथा हजारों अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की गई;
-वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-II) परीक्षा-2022
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा का सामान्य ज्ञान प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले लीक हो गया।
परिणामस्वरूप परीक्षा रद्द करनी पड़ी तथा अनेक गिरफ्तारियां हुईं;
-वनरक्षक (Forest Guard) परीक्षा-2022
प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर लीक हुआ;
इसके बाद गिरफ्तारियां हुईं तथा परीक्षा पुनर्निर्धारित करनी पड़ी;
-सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) परीक्षा-2022
इस भर्ती परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि संबंधित रिपोर्टें सामने आईं तथा कई गिरफ्तारियां हुईं।
तमिलनाडु – कांग्रेस की साथी दल DMK के साथ सरकार में –
2022: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) गंभीर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दी गई।
कर्नाटक में कांग्रेस की (सिद्धारमैया सरकार में)
2016:
द्वितीय वर्ष प्री-यूनिवर्सिटी (PUC-II) की रसायन विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ, परिणामस्वरूप परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित करनी पड़ी;
केरल में कम्युनिस्ट पार्टी को कांग्रेस द्वारा समर्थन देकर (मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शासन काल में)
2016:
केरल लोक सेवा आयोग (Kerala PSC) की 10वीं स्तर की प्रारम्भिक परीक्षा में अनेक त्रुटियों की शिकायतों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।
ऐसा नहीं है भाजपा के केंद्र में रहते हुए और अन्य राज्यों में पेपर लीक नहीं हुए लेकिन विशेष तौर पर अबकी बार NEET को लेकर हाय तौबा मचाना देश में अराजकता फ़ैलाने की साजिश है, जबकि NEET परीक्षा में जिस धर्मेंद्र प्रधान के मंत्री होते हुए गड़बड़ी हुई, उसी धर्मेंद्र प्रधान के मंत्री रहते हुए परीक्षा फिर से आयोजित हुई और परिणाम भी आ गए लेकिन किसी को कोई समस्या नहीं है।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव आज धरने पर बैठे जबकि उन्हें सीजेपी द्वारा किए गए प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए था। जंतर मंतर पर अधिकांश कथित छात्र ऐसे थे जिनको न तो NEET का फुल फॉर्म पता था और न ही CBSE का,ये छात्र आंदोलन है ही नहीं बल्कि विदेशी शक्तियों द्वारा प्रायोजित अराजकता है जिसकी आड़ में मोदी सरकार का तख्तापलट कर अपने मन मुताबिक इशारे पर चलने वाली सरकार सत्ता में बिठाने का अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र है।

(लेखक उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और यह उनके निजी विचार हैं)



