(कल्पेश सोनी)
(खरगौन)
शिवहरे कंपनी के अवैध मुरुम उत्खनन पर प्रशासन ने 15 दिन में 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा करने के दिये आदेश
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में गोगावां तहसील अंतर्गत ग्राम मेहरजा और डाबरिया में मुरुम के अवैध उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों ने इस पूरे मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई।
जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया और प्रशासन हरकत में आया।
लगातार खबरों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तीन दिनों तक मौके पर रहकर सभी खसरों का बारीकी से सीमांकन और जांच की।
इस पूरे मामले में गोगावां तहसील के तहसीलदार, पटवारी और आरआई सहित राजस्व अमले की भूमिका अहम रही। इनके साथ खनिज निरीक्षक प्रियंका अज़नारे ने मौके पर जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। खनिज निरीक्षक प्रियंका अज़नारे ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट खनिज अधिकारी सावन चौहान को प्रस्तुत की। इसके बाद यह रिपोर्ट जिले की कलेक्टर भव्या मित्तल को भेजी गई।
रिपोर्ट सामने आने के बाद कलेक्टर भव्या मित्तल ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया और इसी के आधार पर जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ यह ऐतिहासिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
संयुक्त जांच में सामने आया कि कंपनी ए.के. शिवहरे इंफा प्रा. लि. भोपाल ने स्वीकृत सीमा से बाहर जाकर शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर मुरुम का अवैध उत्खनन किया। कंपनी ने 1.71 लाख घनमीटर से ज्यादा अवैध उत्खनन किया संयुक्त निरीक्षण में कुल 171118 घनमीटर मुरुम का अवैध उत्खनन पाया गया। संयुक्त निरीक्षण के दौरान कंपनी का प्रतिनिधि रमेश पाटीदार मौके पर मौजूद था, लेकिन उसने पंचनामे पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और संदेहास्पद बना दिया है तथा जांच की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
यह प्रकरण अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है, जिसमें करोड़ों की शास्ति प्रस्तावित की गई है।
प्रशासन ने मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए कंपनी पर 12.83 करोड़ रुपये रॉयल्टी का 15 गुना अर्थदंड और उतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में अधिरोपित की है। इस प्रकार कुल 25 करोड़ 66 लाख 77 हजार रुपये की भारी-भरकम वसूली तय की गई है। इसके साथ ही कंपनी को 1000 रुपये प्रशमन शुल्क जमा कर 15 दिवस के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।




