★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कल एनसीपी पार्टी को अलविदा कहने वाले सांसद उदयन राजे भोंसले ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बने भाजपाई}
[लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सौंपा लोस सदस्यता से इस्तीफ़ा, शनिवार सुबह ही पुणे से चार्टर प्लेन से सीएम फड़नवीस के साथ पहुँचे दिल्ली]
(परसों एनसीपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्वमंत्री भास्कर जाधव ने भी एनसीपी को झटका देकर शामिल हुए थे शिवसेना में,आज उदयन ने दिया तगड़ा झटका)

♂÷आज शनिवार को एनसीपी सांसद उदयनराजे भोसले ने नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेकर बीजेपी नेता बन गए।
विदित हो कि कल ही उन्होंने शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था उनके इस कदम से महाराष्ट्र में एनसीपी को तगड़ा झटका व बीजेपी को खासा फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आज सुबह पुणे से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल के साथ चार्टर प्लेन के जरिए दिल्ली पहुंचे छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले ने लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला से मिलकर उनको एनसीपी सांसद के रूप में लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने हेतु इस्तीफ़ा पत्र सौंपा जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है।इसके पूर्व लोकसभा परिसर में ही स्थापित छत्रपति महाराज की विशाल प्रतिमा को उनके वंशज उदयनराजे भोसले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल,मंत्री गिरीश महाजन समेत तमाम नेताओं ने सर झुकाकर नमन किया,उसके पश्चात गृह मंत्री व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में एनसीपी के दिग्गज नेता उदयनराजे भोसले ने भाजपा की सदस्यता स्वीकार कर पार्टी में शामिल हुए।

इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा,केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र चुनाव प्रभारी राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव,मन्त्री गिरीश महाजन,महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल समेत गणमान्य लोग मौजूद रहे। उदयनराजे भोसले के द्वारा एनसीपी छोड़ देने से महाराष्ट्र में ऐन विधानसभा चुनाव पूर्व शरद पवार के लिए काफी बड़ा झटका माना जा रहा है।
उधर परसों ही एनसीपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री रहे भास्कर जाधव ने भी परसों इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो गए थे इन दो दिग्गज नेताओं के द्वारा बीजेपी व शिवसेना में जाने से एनसीपी को बड़ा झटका लगा है।






















