★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कल सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गवर्नर को सौपा था इस्तीफ़ा, आज बीजेपी कार्यालय में चल रही विधायक दल की बैठक में हुआ फ़ैसला}
(तीरथ सिंह रावत पहली बार पौढ़ी गढ़वाल से जीतकर बने हैं सांसद, मोदी-शाह ने फ़िर चौकाते हुए लो प्रोफ़ाइल रावत के सर रखा सीएम का ताज)
[उत्तराखंड के प्रभारी रमन सिंह,प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक शामिल थे बैठक में]
(मुख्यमंत्री रावत की सख्त कार्यशैली के चलते कुछ मंत्रियो,विधायकों व कर्मचारियों में था भारी असंतोष जो उनकी कुर्सी जाने का बनी कारण)
♂÷उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से कल इस्तीफ़ा देने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत के उत्तराधिकारी के चयन के लिए देहरादून के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में विधायक दल की बैठक शुरू हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि तीरथ सिंह रावत राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
पौढ़ी गढ़वाल से जीतकर पहली बार सांसद बने तीरथ सिंह रावत लो प्रोफ़ाइल नेता माने जाते हैं व संग़ठन में काफ़ी सक्रिय रहते हैं।

जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे बीसी खंडूरी तब रावत प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं साथ ही वह हरियाणा के भी प्रदेश प्रभारी रहें हैं।
उनके नाम की घोषणा होने पर कार्यवाहक मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ देकर बधाई दी तो सभी विधायकों व अतिथियों ने भी उनको शुभकामनाएं प्रदान की।
वर्किंग सीएम रावत ने कहा कि पार्टी उनको जो भी जिम्मेदारी देंगी वह निभाएंगे।
देहरादून में चली बैठक में राज्य के उत्तराखंड प्रभारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह व व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार समेत सूबे के सभी सांसद व विधायक मौजूद रहे।
त्रिवेंद्र सिंह रावत के उत्तराखंड के सीएम पद से इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री आखिर कौन होगा इस पर केंद्रीय नेतृत्व ने सस्पेंस रखा तो वहीं केंद्रीय मन्त्री रमेश पोखरियाल, राज्य के उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत व पर्यटन मन्त्री सतपाल महाराज के नाम भी चर्चा में चल रहे थे।
उत्तराखंड के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत सभी सांसद और विधायक बैठक में मौजूद रहे।
मालूम हो कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार शाम राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया था। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया।
राज्यपाल के आदेश के मुताबिक, नई सरकार के गठन तक त्रिवेंद्र सिंह रावत कार्यकारी मुख्यमंत्री रहेंगे और उनकी मंत्रिपरिषद अपने दायित्व का निर्वहन करती रहेगी।
बैठक के पहले वहीं विधायक सुरेश राठौड़ ने कहा कि ऐसे व्यक्ति की तलाश है जिसे मुख्यमंत्री बनाया जा सके।
कहा जा रहा है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विरुद्ध तमाम विधायकों का असंतोष,कर्मचारियों में नाराज़गी व कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी उनकी सख़्त कार्यशैली से नाराज़ थे।इन सब मामलों की शिकायत मोदी-शाह के साथ ही आरएसएस मुख्यालय नागपुर भी पहुँची थी।
जिसका परिणाम रहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को इस्तीफ़ा देना पड़ा।
कुल मिलाकर यह कहना ठीक होगा कि राजनीति में कब क्या हो जाये कुछ भी निश्चित नही रहता क्योकि 57 सीट के प्रचण्ड बहुमत के बाद भी बीजेपी नेतृत्व को सीएम बदलना पड़ा।
पहाड़ी राज्य देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फ़िर नये चेहरे तीरथ सिंह रावत पर दांव लगाकर अगले वर्ष चुनावी मैदान में जाने की तैयारी के साथ ही राज्य सरकार के मंत्रियो,विधायकों व कर्मचारियों के असंतोष नए मुख्यमंत्री कितना दूर कर ख़ुद को साबित कर मोदी-शाह की गुडबुक में बने रह पाएंगे कि पहाड़ की अस्थिर राजनीति की उबड़ खाबड़ राह में फ़िर से बीजेपी को झटका खाना पड़ेगा?।






















