★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{बीकेयू नेता टिकैत ने कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में सरकार को सबक सिखाएंगे किसान,जिला पंचायत चुनाव पर कहा बंदूक की ताकत पर करना करना चाहते हैं राज}
[टिकैत ने कहा कृषि क़ानून वापस नही होने और एमएसपी पर गारंटी क़ानून नही बनेगा तब तक किसान आंदोलन खत्म नही करेंगे]
♂÷भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कृषकों के मुद्दों की बात करते-करते वो प्रदेश की सियासत पर फोकस करते नजर आए। उन्होंने कहा कि वो उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में जाकर जनता से अपील करेंगे कि वो इनको (बीजेपी) को वोट (यूपी विधानसभा चुनाव 2022) न दे, जिसको चाहे उसको वोट दे लो लेकिन इनको वोट न दो।टिकैत ने अपने संबोधन में स्पष्ट तौर पर बीजेपी का नाम नहीं लिया बल्कि ‘इनको’ शब्द का इस्तेमाल बार-बार करते हुए कहा कि इनकी गांव में तलाश की जा रही है।
टिकैत ने 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि सरकार को किसान सबक सिखाएंगे। हालिया संपन्न जिला पंचायत चुनावों पर उन्होंने कहा कि यह तो बंदूक की ताकत पर राज करना चाहते हैं।बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने हरियाणा में एक व्यक्ति जलकर हुई मौत के मामले में कहा कि यह दुखद घटना है, उसने आत्महत्या की है। उन्होंने एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
राकेश टिकैत मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर कृषि कानून के विरोध में चल रहे बीकेयू के धरने को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर आंदोलन को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मेरठ के एक अस्पताल पर प्रशासनिक कार्रवाई न होने पर अस्पताल को बंद करवाने की चेतावनी दी।बता दें कि कृषि कानून के विरोध में सिवाया टोल प्लाजा पर पिछले 25 दिन से धरना चल रहा है।
दरअसल टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से छुर्र गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. समारोह से लौटते समय वो कुछ देर टोल प्लाजा पर रुके।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अब आंदोलन में ओर तेजी लानी होगी,इसके लिए कार्यकर्ता प्रदेश के गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क साधें और अधिक से अधिक संख्या में धरनास्थल पर पहुंचने की अपील करें।उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे और एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनेगा तब तक किसान आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री कह रहे हैं बात कर लीजिए लेकिन कानून वापस नहीं होंगे यह गुंडागर्दी है।






















