★राज श्रीवास्तव★
★मुम्बई★
{योगी ने की है घोषणा लगेगी सबसे विशालकाय व ऊँची श्रीराम की मूर्ति सरयू तट पर}
[रामघाट स्थल क्षेत्र में सिद्धपीठ फटिक शिला मंदिर के अधिग्रहण से नाराज सन्त अपनी माँग को लेकर मिलेंगे योगी से बैठक में हुआ निर्णय]

♂÷भगवान श्री राम की मूर्ति जिन स्थान पर लगाए जाने की घोषणा योगी सरकार ने की है उस स्थान के अन्दर फटिकशिला मंदिर के आने के चलते सन्तो ने मंदिर के अस्तित्व को बचाने के लिए मुख्यमन्त्री से गुहार लगाई है।जिससे एक नए तरह का विवाद प्रशासन के समक्ष उपस्थित हो गया है।
विदित हो कि कुछ दिनों पूर्व योगी आदित्यनाथ ने सरयू तट स्थित रामघाट क्षेत्र में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की दुनिया की सबसे ऊँची व विशालकाय प्रतिमा स्थापित करवाने की घोषणा की थी।प्रतिमा की स्थापना के लिए जमीन अधिग्रहण की जानी है जिसमें सिंद्ध फटिक शिलापीठ का भी नाम शामिल है।
फटिक शिला पीठ दिवंगत तपस्वी नारायण दास बगही बाबा का सिद्ध स्थल हैं और फटिक शिला मंदिर में वर्षों से राम नाम का जाप होता चला आ रहा है।जिसकी वज़ह से फटिक शिला मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए संतों ने जबरदस्त माँग उठाई है। इसी क्रम में दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास के नेतृत्व में फटिक सिलापीठ में संतों की बैठक सम्पन्न हुई है,जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संतों का दल जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी माँग रख फटिक शिला मंदिर को बचाने की गुज़ारिश करेगा।
विदित ही कि अयोध्या के सरयू तट पर दुनियां की सबसे ऊँची प्रभु श्रीराम की 251 मीटर की प्रतिमा योगी सरकार बनवा कर स्थापित करवाने जा रही है।






















