★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पश्चिम बंगाल में चौथे चरण में भीड़ द्वारा CISF जवानों पर हमला करने के बाद चली गोली में चार लोग मारे गए थे,जिन पर राजनीति हो चुकी है गर्म}
[ममता बनर्जी ने कहा पीएम व गृहमंत्री हैं अक्षम,उन्होंने पीड़ित परिजनों से वीडियो कॉल के जरिये की बात]
(चुनाव आयोग के आदेश के बाद मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख व घायलों को 2-2 लाख की दी गयी मदद,गृहमंत्री शाह ने कहा कि घटना की जिम्मेदार है ममता बनर्जी)
♂÷पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में सीतलकुची में सीआईएसएफ की गोली से चार लोगों की मौत का मामला राजनीतिक रंग ले लिया है। सीतलकुची को घटना को लेकर तृणमूल काँग्रेस प्रमुख व सीएम ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आमने-सामने हैं और लगातार एक-दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने सीतलकुची में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपए देने की अनुमति दे दी है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि यह राशि पूरी तरह से प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में वितरित होगा और चुनावी प्रचार में इनका कोई इस्तेमाल नहीं होगा।मालूम हो कि शनिवार को सीतलकुची में सीआईएसएफ की फायिरिंग में चार लोगों की मौत हुई थी।
दूसरी ओर, सीतलकुची की फायरिंग के खिलाफ टीएमसी ने रविवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।
टीएमसी के नेता ब्रात्य बसु, इंद्रनील सेन, शुभा प्रसन्ना और कबीर सुमन सहित टीएमसी के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के नेताओं ने मेयो रोड स्थित गांधी मूर्ति के समक्ष प्रदर्शन किया।
बता दें कि ममता बनर्जी ने सीतलकुची की घटना के खिलाफ रविवार को दोपहर दो बजे से लेकर चार बजे तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।
टीएमसी के नेता ब्लैक पोस्टर लिए हुए थे और ब्लैक बैच पहने हुए थे,इसमें लिखा हुआ था कि ‘Bullet Revenge by BALLOT’ और और इस नरसंहार की निंदा करते हैं।
बता दें कि टीएमसी सुप्रीमो व सीएम ममता बनर्जी ने सीतलकुची की फायरिंग की घटना की तुलना नंदीग्राम से करते हुए कहा कि नंदीग्राम की तरह ही सीतलकुची में भी नरसंहार हुआ है, सीआईएसएफ के जवानों ने कमर के नीचे पैर पर नहीं, बल्कि कमर के ऊपर छाती में गोली मारी हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से असक्षम हैं और इस घटना की सूचनाओं को छिपाने के लिए उन्हें जाने से रोका गया है।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने वीडियो कॉल करके पीड़त परिवार के सदस्यों से बात की और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था और बाद में कैंडल लेकर रोड शो में भी शामिल हुए थीं।
जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी घटना के लिए ममता बनर्जी के ‘घेराव करो’ के बयान को जिम्मेदार करार दिया था।
कुल मिलाकर इस घटना पर दोनों पक्षों के द्वारा आरोप प्रत्यारोप की राजनीति गरमा चुकी हैं।


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