★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{प्रेमी के साथ रहने के लिए पत्नी देती थी फ़र्जी केस में फंसाने की धमकी से त्रस्त होकर पति ने कर ली आत्महत्या}
[इंदौर के तेजाजी नगर थाना में पुलिस ने प्रेमी जोड़े को समझाया किन्तु दोनो ने साथ रहने के लिए दिया लिखित राजीनामा]

♂÷पत्नी और उसके प्रेमी से परेशान होकर माचला निवासी पेंटर ने रविवार को फांसी लगा ली। पत्नी से शनिवार सुबह उसका विवाद हो गया था। पत्नी प्रेमी के साथ जाना चाहती थी। उसने मना किया तो वह जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। आत्महत्या कर पूरे परिवार को फंसाने की धौंस दी। दोपहर में पेंटर उसे थाने ले गया। वहां प्रेमी को बुलाया और दोनों बच्चों सहित पत्नी को उसके हवाले कर दिया। थाने पर दंपती ने अपनी-अपनी बात लिखकर अधिकारी को सौंप दी। विवाद की वजह से पेंटर ने सुबह से खाना नहीं खाया था। रविवार सुबह भतीजा उठाने गया तो पेंटर फंदे पर लटका मिला। वह करीब 25 दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।
तेजाजी नगर थाना पुलिस के मुताबिक, मृतक जीवन (40) पिता गोकुल प्रसाद बरोलिया निवासी माचला है। टीआई नीरज मेढ़ा ने बताया कि घटना का पता रविवार सुबह करीब 7 बजे चला था। भतीजा बलराम चाय पीने के लिए जीवन को उठाने गया था। लेकिन जैसे ही वह कमरे में पहुंचा चाचा उसे फंदे पर लटका मिला। इसके बाद उसने पुलिस और अन्य परिजन को सूचना दी। पुलिस ने पंचनामा बनाया और एमवाय अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया। एएसआई दिनेश सरगईया ने बताया कि जीवन पुताई का काम करता था। शनिवार सुबह उसका पत्नी आशा से विवाद हो गया था।
आशा अपने प्रेमी विशाल के साथ रहना चाहती थी। दोपहर में वह विशाल के साथ चली गई थी। इस पर जीवन शिकायत करने थाने गया था। पुलिस ने आशा और प्रेमी विशाल को बुलाकर काउंसलिंग की। लेकिन दोनों नहीं माने और साथ में रहने की जिद करने लगे। इस पर दंपती ने राजीनामा किया और आशा अपने प्रेमी के साथ चली गई। जीवन ने अपने दोनों बच्चों मोनिका और समीर को भी पत्नी के प्रेमी के हवाले कर दिया। इसके बाद वह घर चला गया। पत्नी के चले जाने के तनाव में उसने आत्महत्या कर ली।
जीवन के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज था। वह दो महीने तक जेल में था और 25 दिन पहले ही छूटा था। जेल में रहने के दौरान उसकी पत्नी की विशाल से नजदीकियां बढ़ गई थी। इस बात का पता चलने के बाद से दंपती के बीच विवाद चल रहा था। जीवन पुताई का काम करता था। विशाल भी उसके साथ यही काम करता था। करीब 18 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। उसके एक बच्चे की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। जबकि जन्म के बाद दूसरे की बीमारी से मौत हो गई थी। वह संयुक्त परिवार में रहता था।
भतीजे बलराम ने बताया कि विशाल को कई बार समझाया था। उसके परिवार को भी शिकायत की थी। लेकिन इसके बाद भी वह मान नहीं रहा था। शनिवार सुबह चाचा-चाची में विवाद हो गया था। चाची विशाल के साथ रहना चाहती थी। मना करने पर वह चाचा की हत्या कराने की धमकी दे रही थी। घरवालों को झूठे केस में फंसाने और खुदकुशी करने के लिए धमका रही थी। विशाल ने भी चाचा को हत्या की धमकी दी थी और पूरे परिवार को धमकाया था।






















