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★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{संगोष्ठी में 9 सत्र किये गए आयोजित जिसमें अनेकों प्राध्यापकों, आचार्यों, तथा वैज्ञानिकों द्वारा आमन्त्रित व्याख्यान व प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किये गए शोधपत्र}

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♂÷ग्लोकल पर्यावरण एवं सामाजिक संस्था (जेसा) नई दिल्ली का प्रथम वार्षिक सत्र दिनांक 22 एवं 23 दिसम्बर को एक अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी के रूप में सम्पन्न हुआ। यह संगोष्ठी इंटरनेशनल कांक्रेंस ऑन इनवायरमेंट एण्ड सोसाइटी (प्रथम आईसीईएस 2019) के रूप में विख्यात हुई। प्रथम आईसीईएस का विषय था- Socio-economic Challenges of Agriculture, Biodiversity and Environment.
यह अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी दयानन्द गर्ल्स पीजी कालेज कानपुर द्वारा हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय कानपुर में आयोजित की गयी। भारतीय विचारक समिति (आईटीएस) कानपुर तथा एशियन बायोलोजिकल रिसर्च फाउन्डेशन (एबीआरएफ) प्रयागराज संगोष्ठी के सह आयोजक थे।

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संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र 22 दिसम्बर को प्रातः 11ः00 बजे आरम्भ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. नीलिमा गुप्ता कुलपति छत्रपति साहू जी महराज विश्वविद्यालय कानपुर, विशिष्ट अतिथि के रूप में वानकी विश्वविद्यालय रामपुर चितवन (नेपाल) के प्रो. दिलीप कुमार झा, बांग्लादेश कृषि विश्वविद्यालय ढाका (बांग्लादेश) के प्रो. विनय कुमार चक्रवर्ती, भारतीय विचारक समिति कानपुर के संरक्षक श्री बलराम नरूला, जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर के सेवानिवत्त प्रो. मीरा अग्निहोत्री शामिल हुए। इस उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मेजबान संस्था हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय कानपुर के मा. कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने की जबकि संचालन डॉ. इन्द्राणी दुबे ने किया।
अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत प्रो. साधना सिंह प्राचार्य दयानन्द गर्ल्स पीजी कालेज कानपुर ने किया तथा उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी के शीर्षक की वर्तमान समय में प्रासंगिता तथा उपादेयता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. विनीता शुक्ला प्रोफेसर जन्तु विज्ञान विभाग महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय रोहतक (हरियाणा) ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन संगोष्ठी की आयोजन सचिव डॉ. सुनीता आर्या द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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दो दिवसीय इस अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 9 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें अन्तिम सत्र पोस्टर प्रस्तुतीकरण का था। इस दौरान अनेकों प्राध्यापकों, आचार्यों तथा वैज्ञानिकों द्वारा आमंत्रित व्याख्यान तथा प्रतिभागियों द्वारा अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये गए। ढाका के प्रो. बिनय कुमार चक्रवर्ती, चितवन नेपाल के प्रो. दिलीप कुमार झा, चित्रकूट के प्रो. आरसी त्रिपाठी, जौनपुर की प्रो. वन्दना राय, डॉ. मनोज वत्स , डॉ. देवब्रत मिश्र,ग्वालियर की प्रो. मधुलक्ष्मी शर्मा, गुना के डॉ. पार्थ सारथी पाण्डेय, जबलपुर के डॉ. अर्जुन शुक्ला, सतना के डॉ. दीपक मिश्रा, हजारीबाग की श्रीमती बीना कुमारी, कोडरमा के डॉ. प्रसेनजीत हजरा व श्री मत्युन्जय सहायक, कोरिया के डॉ. नीलेश चन्द्रवंशी, दार्जिलिंग के डॉ. शंकर प्रसाद शा, नई दिल्ली के डॉ. तन्मय रूद्र, तुरा मेघालय के डॉ. अरिन्दम, गुरूग्राम के डॉ. भरत सिंह, चम्पा के डॉ. दिनेश कुमार, डोडा के डॉ. वाहिद बलवान, जयपुर की डॉ. अपर्णा पारिख, अलीगढ़ के डॉ. रियाज अहमद, भुवनेश्वर के प्रो. बीबी पटनायक, गाजियाबाद के डॉ. एके झा, हावड़ा की डॉ. प्रतिभा गुप्ता, कोलकाता की डॉ. अरनेश गुहा, लखनऊ के डॉ. एके पाण्डेय, मुम्बई के डॉ. सीएस चतुर्वेदी, मैसूर के डॉ. गिरधर, नैनीताल के डॉ. एसजी जैदी, प्रयागराज के डॉ. शिव कुमार एवं अन्य कई सुविख्यात विद्वानों ने आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किए।
22 दिसम्बर को सायंकाल 5ः00 बजे ग्लोकल पर्यावरण एवं सामाजिक संस्था (जेसा) की तरफ से अपने-अपने क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान देने वाले महान विभूतियों को संस्था की महासचिव श्रीमती मेनका वर्मा तथा मंचासीन अतिथियों द्वारा मेडल, प्रमाण पत्र, पौधा तथा स्मति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि जय कुमार सिंह राज्यमंत्री लोक सेवा प्रबन्धन तथा कारागार उप्र सरकार थे। जबकि अध्यक्षता मेजबान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने की। सम्मानित होने वालों में प्रो. नीलिमा गुप्ता, डॉ. पीएन कौल, श्री बलराम नरूला, प्रो. बिनय कुमार चक्रवर्ती, प्रो. दिलीप कुमार झा, प्रो. विनीता शुक्ला, प्रो. साधना सिंह, प्रो. मीरा अग्निहोत्री, बृजेन्द्र सिंह, प्रो. पीआर त्रिवेदी, डॉ. मनोज वत्स, डॉ .देवब्रत मिश्र, डॉ. एके पाण्डेय, डॉ. रत्ना कटियार, डॉ. राहुल पटेल, डॉ. वाहिद आदि शामिल थे।
23 दिसम्बर को सायंकाल 5ः00 बजे संगोष्ठी का समापन समारोह आयोजित हुआ। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य प्रो. साधना सिंह द्वारा किया गया। मेजबान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. करूणाकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में तथा अध्यक्षता भारतीय विचारक समिति कानपुर के अध्यक्ष डॉ. पीएन कौल ने की। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आये हुए प्रतिभागियों ने संगोष्ठी के विषय में अपने-अपने विचार रखें। इस सत्र में एशियन बायोलोजिकल रिसर्च फाउन्डेशन (एबीआरएफ) प्रयागराज की तरफ से जीव विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों उत्कृष्ठ कार्य करने वाले विभूतियों को संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह तथा मंचासीन अतिथियों द्वारा अंगवस्त्रम, प्रमाण पत्र, पौधा तथा स्मति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आयोजन सचिव डॉ. सुनीता आर्या ने दो दिवसीय संगोष्ठी की संक्षेपिका प्रस्तुत किया जबकि संयोजक डॉ. ए.के. वर्मा ने अतिथियों तथा प्रतिभागियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। भारतीय विचारक समिति के महासचिव इं. उमेश दीक्षित ने अन्त में सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। राष्ट्रगान के साथ इस संगोष्ठी के समापन की घोषणा की गयी।

By Mukesh Seth

Chief Editor

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