★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कमाठीपुरा रेड लाइट एरिया मुम्बई के महँगे व्यवसायिक एरिया में है स्थिति,इस वज़ह से बिल्डरों,डेवलेपर्स की हैं नज़र}
[सेक्सवर्कर ने कहा किराया,महंगाई बढ़ी लेकिन कमाई नही जिसके चलते परिवार चलाना हो रहा मुश्किल]
(NGO SAI के डायरेक्टर विनय वत्स ने कहा रियल स्टेट का असर इन पर पड़ रहा है कई वेश्यालय हो चुके हैं बन्द)

♂÷किराये के बढ़ते बोझ कमाठीपुरा के सेक्स वर्करों पर भारी पड़ रहा है ऐसे में अब
मुंबई शहर में स्थित कमाठीपुरा रेड लाइट एरिया की सेक्स वर्कर्स इस जगह को छोड़कर जा रही हैं। रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों ने उन्हें इस इलाके को छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। एक एनजीओ के डायरेक्टर ने बताया कि कमाठीपुरा की सेक्स वर्कर्स अब महानगर की उपनगरीय इलाकों में शिफ्ट हो रही हैं।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, सोशल एक्टिविटीज इंट्रीग्रेशन (SAI) एनजीओ के डायरेक्टर विनय वत्स ने बताया, ‘कमाठीपुरा और फाल्कलैंड की सेक्स वर्कर्स की कमाई कम है। यह सच है कि रियल एस्टेट का असर इन पर पड़ रहा है और ये लोग यहां से अन्य जगह जा रहे हैं।इस कारण कई वेश्यालय बंद हो रहे हैं कई बहनें यहां का बढ़ा हुआ किराया नहीं चुका पा रही हैं इसलिए वो नालासोपारा, तुर्भे और वाशी में शिफ्ट हो गई हैं।
विनय ने बताया कि वो सेक्स वर्करों के साथ 90 के दशक से काम कर रहे हैं यहां कमाठीपुरा में पिछले 20 वर्षों के दौरान किराये में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है उस समय 25 रुपए किराया था लेकिन आज न्यूनतम 200 रुपए है और महीने भर का किराया 10 से 15 हजार तक पहुंच जाता है।
कमाठीपुरा इलाके के किराया में हुई बेहताशा वृद्धि के कारणों के बारे में बताते हुए विनय वत्स ने कहा, ‘यह सेंट्रल मुंबई है. यहां पर बॉम्बे सेंट्रल और ट्राडेवो जैसे कमर्शियल इलाके कमाठीपुरा के पास ही हैं। इस कारण रियल एस्टेट डेवेलपर्स की इस इलाके पर नजर है।
आरती नाम की एक सेक्स वर्कर ने कमाठीपुरा की परेशानियों और विनय वत्स की बातों पर अपनी सहमति जताई।आरती ने कहा, ‘मैं ठाणे के एक इलाके से कमाठीपुरा आती हूं।मैं कई वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़ी हुई हूं। किराया लगातार बढ़ते जा रहा है लेकिन कमाई नहीं बढ़ रही है, ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी व जीवन चलाना मुश्किल हो गया है।






















