★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{मुख्यमंत्री व तृणमूल काँग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने शिव पूजा के बाद 2 किलोमीटर लम्बे रोड शो पश्चात दाख़िल किया अपना नामांकन}
[कभी”दीदी”के सिपहसालार रहे अब बीजेपी नेता शुभेन्दु अधिकारी 12 मार्च को करेंगे नामांकन दाख़िल करेंगे नन्दीग्राम सीट पर, उन्होंने कहा”दीदी”को 50 हज़ार वोटों से हराएंगे]
(लेफ़्ट,काँग्रेस व ISF गठबंधन ने सीपीएम की युवा विंग नेता मीनाक्षी मुखर्जी को नन्दीग्राम सीट से उतारा है चुनावी संग्राम में)
♂÷आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल काँग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नन्दीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने हेतु अपना नामांकन कर दिया।इसके पूर्व उन्होंने शिव मंदिर में दर्शन पूजन के साथ मंत्रोच्चार किया तत्पश्चात उन्होंने 2 किलोमीटर लम्बे रोड शो करके नामांकन दाखिल किया।
मालूम हो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की शुरुआत इस महीने के आखिरी से होने जा रही है। जिन सीटों पर ज्यादातर लोगों की नजरें हैं, उनमें से एक सीट नंदीग्राम है। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर खुद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं तो बीजेपी से उनके सामने शुभेंदु अधिकारी हैं। वहीं, अब कांग्रेस, लेफ्ट और आईएसएफ गठबंधन ने भी उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। गठबंधन की ओर से सीपीआई (एम) की मीनाक्षी मुखर्जी को नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

सीपीएम की यूथ विंग डीवाईएफआई यानी डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की पश्चिम बंगाल यूनिट की अध्यक्ष के तौर पर मीनाक्षी मुखर्जी जिम्मेदारी संभालती रही हैं। छात्रों और युवाओं के बीच अच्छी पकड़ रहने वाली मुखर्जी को उतारकर लेफ्ट और कांग्रेस ने एक तरह से महिला कार्ड खेला है। इसके जरिए लेफ्ट और कांग्रेस यह कह सकेंगे कि हमने ममता बनर्जी के मुकाबले एक युवा महिला को मौका दिया है। बता दें कि इस सीट से बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को उतारा है, जो 2016 में इस सीट पर जीते थे। हालांकि तब वह ममता बनर्जी के सिपहसालार हुआ करते थे। टीएमसी के टिकट पर उन्हें 67 फीसदी वोट मिले थे। अब वह खुद को भूमिपुत्र बताते हुए चुनावी समर में उतरे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया और जीतने का विश्वास जताते हुए कहा कि वह नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला पूर्व में अपने सहयोगी और अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा। बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बक्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने दो किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं। उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी। मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी। मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी तब यहां से कोई विधायक नहीं था क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था। मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।”
कमलदल बीजेपी की ओर से नंदीग्राम सीट से टिकट मिलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि वह ममता बनर्जी को 50 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित करेंगे। नंदीग्राम सीट पर अधिकारी का दबदबा माना जाता है। पिछले दिनों टिकट मिलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि ममता बनर्जी को चुनाव में हराकर वापस उन्हें कोलकाता भेज देंगे। अधिकारी ने कहा, ”मेरे लिए नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतरना कोई चुनौती नहीं है। मैं पार्टी का अभारी हूं कि मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं यहां बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करूंगा।” ममता ने इस सीट पर आज नामांकन पत्र दाखिल कर दिया, जबकि शुभेंदु अधिकारी 12 मार्च को अपना नामांकन दाख़िल करेंगे।
इतना तो निश्चय है कि नन्दीग्राम विधानसभा सीट पर पूरे राज्य की नही बल्कि पूरे देश की निगाहें लगी रहेगी क्योंकि चुनावी समर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी,तो कभी उनके सिपहसालार रहें व अब खेमा बदलकर चुनावी शत्रु बन चुके शुभेन्दु अधिकारी ही मुक़ाबले में उतरें है।






















